लखीसराय : 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप मनाया जाता है. प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं का अनचाहे गर्भधारण को रोकने के लिए साथ ही मां एवं बच्चे को स्वास्थ्य कल्याण में भी मदद करता है. इसी कारण विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा को प्रखंड स्तर तक मनाया जाता है. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक सहायक मनोज कुमार ने 3 जुलाई को सभी जिला पदाधिकारी, चिकित्सा महाविद्यालय तथा अस्पताल के निदेशक और सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जानकारी दी है. इस वर्ष के जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा की थीम आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी रखा है.
दो भागों में होगा आयोजन:
जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन दो भागों में किया जायेगा. दंपति संपर्क पखवाड़ा 10 जुलाई तक चलेगा एवं 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का आयोजन होगा. सभी आयोजनों को कोरोना महामारी में दिए गए निर्देशों के रूप में होगा. राज्य स्वास्थ्य समिति ने पत्र में लिखा गया है कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा संचालन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी के लिए तथा आशा का ऑनलाइन के द्वारा किया जाए ताकि उन्हें पता चल सके की सही उम्र में शादी, पहले बच्चे की देरी तथा बच्चों में सही अंतर के बारे में लोगों से चर्चा कर मां और शिशु स्वास्थ्य को बेहतर कर सकें. फ्लेक्स एवं पोस्टर के द्वाराभी प्रचारित करने के विषय में निर्देश दिए गए हैं.

