नई दिल्ली: कोरोना वायरस से बचाव के क्रम में लोगों ने चिकन खाना भी बंद कर दिया है. यही वजह है कि बाजार में चिकन को ग्राहक नहीं मिल रहे हैं. नौबत यह आ गई है कि चिकन के दाम 10 से लेकर 40 रुपए प्रति किलोग्राम तक उतर आए हैं. पोल्ट्री उद्योग कोरोना संकट की वजह से बुरी तरह घाटे में चला गया है.
कोरोना के खौफ से पहले तक चिकन के दाम 160 से 170 रुपए प्रतिकिलो तक थे. अंडे के भी होलसेल रेट में कमी आई है. यूपी पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली का कहना है कि जनवरी और फरवरी में हमने लाइन लगाकर मुर्गा बेचा था. हर वक्त चार-पांच लोग मुर्गा लेने के लिए खड़े रहते थे.
ब्रॉयलर चिकन 75 से 80 रुपए किलो तक बिक रहा था. कोरोना की दहशत ने मुर्गा और अंडा बाजार को पूरी तरह से ठप्प कर दिया है. आज देशभर में 10 से 40 रुपए किलो तक मुर्गा बिक रहा है. दक्षिण भारत में तो 10 रुपए किलो चिकन खरीदने को भी कोई तैयार नहीं है. यूपी में भी दाम 25 से 30 रुपए किलो हो गए हैं, लेकिन फॉर्म से माल का उठान नहीं हो रहा है.
पोल्ट्री में एक चूजे से दो किलो की मुर्गी बनने का समय 40 दिन तक का होता है. वहीं 40 दिन में एक चूजा 75 रुपए की खुराक खा जाता है. नवाब अली ने बताया कि देश में सबसे सस्ता मुर्गा इस वक्त कर्नाटक में 10 रुपए किलो बिक रहा है. महाराष्ट्र में 10, तेलंगाना में 11, आंध्रा प्रदेश 12, मध्य प्रदेश 22, ओडिशा 18 से 22 और गुजरात में 14 से 28 रुपए किलो तक मुर्गा बिक रहा है. ये रेट होलसेल के हैं.
कहीं-कहीं तो होलसेल वाले ही गाड़ियों में मुर्गा लेकर गली-मोहल्लों में 100 रुपए के तीन मुर्गे और 22 रुपए किलो के हिसाब से बेचने जा रहे हैं. पोल्ट्री फार्म के मालिक अनिल शाक्य बताते हैं कि 7-8 दिन पहले तक 3.50 रुपए से लेकर 3.75 रुपए तक का एक अंडा बिक रहा था.
कोरोना की दहशत फैलते ही आज एक अंडे के दाम 2.75 रुपए हो गए हैं. यह रेट पोल्ट्री फॉर्म और होलसेलर के बीच के हैं. लेकिन अब भी अंडे के दाम कम होने का फायदा रिटेल ग्राहक को नहीं मिलेगा. क्योंकि स्टॉक करने वाले मौके का फायदा उठाकर पोल्ट्री से सस्ता अंडा खरीद रहे हैं और उसे कोल्ड स्टोरेज में रख रहे हैं.

