New Delhi:- नए साल के आगमन पर कोरोना महामारी की वैक्सीन को लेकर लोगों को भरोसा दिलाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि साल 2020 में संक्रमण की निराशा थी, चिंताएं थी, 2021 इलाज की आशा लेकर आ रहा है. दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाने के लिए भारत की तैयारी जोरों पर है.
पीएम ने कहा कि 2021 का हमारा मंत्र रहेगा ‘दवाई भी और कड़ाई भी’. वैक्सीन जल्द आएगी. पीएम ने कहा, जहां 2020 स्वास्थ्य चुनौतियों का वर्ष था, वहीं 2021 स्वास्थ्य समाधान का साल होने जा रहा है.भारत में बनी वैक्सीन तेजी से हर जरूरी वर्ग तक पहुंचे, इसके लिए कोशिशें अंतिम चरणों में हैं. मुझे विश्वास है कि जिस तरह बीते साल संक्रमण से रोकने के लिए हमने एकजुट होकर प्रयास किए, उसी तरह टीकाकरण को सफल बनाने के लिए भी पूरा भारत एकजुटता से आगे बढ़ेगा.
प्रधानमंत्री ने राजकोट में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की आधारशिला रखते हुए कहा, यह न भूलें कि कोरोना संक्रमण घट जरूर रहा है, लेकिन यह ऐसा वायरस है जो तेजी से फिर चपेट में ले लेता है. इसलिए दो गज की दूरी, मास्क और सैनिटेशन के मामले में ढील बिल्कुल नहीं देनी है. नया साल हम सभी के लिए बहुत खुशियां लेकर आए. आपके लिए और देश के लिए नया साल मंगल हो. दवाई आ गई तो सब छूट मिल गई, इस भ्रम में मत रहना. हमारे यहां कहा गया है- सर्वम् अन्य परित्यज्य शरीरम् पालयेदत:. यानि सबसे बड़ी प्राथमिकता शरीर के स्वास्थ्य की रक्षा ही है. सब कुछ छोड़कर पहले स्वास्थ्य की ही चिंता करनी चाहिए. नए साल में हमें इस मंत्र को अपने जीवन में प्राथमिकता के साथ उतारना है. हम स्वस्थ रहेंगे तो देश स्वस्थ रहेगा.
अफवाहों के बाजार गर्म न करें
पीएम ने कहा, मेरा देशवासियों से आग्रह होगा कि कोरोना के खिलाफ एक अनजान दुशमन के खिलाफ लड़ाई है. अफवाहों के बाजार गर्म न होने दें. सोशल मीडिया पर कुछ भी देखा, फारवर्ड न करें. हम भी एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में आने वाले दिनों में देश के अंदर स्वास्थ्य का जो अभियान चलेगा, हम सब अपनी तरफ से योगदान दे. अनगिनत काल्पनिक झूठ फैलाए जाएंगे. कुछ तो शुरू भी हो चुके हैं, और भोले-भाले गरीब लोग या कुछ बद इरादे से काम करने वाले लोग दृढ़ता के साथ इसको फैलाते हैं.
आयुष्मान भारत योजना गरीबों का सुरक्षा कवच
मोदी ने कहा, हमने यह भी देखा है कि जो व्यवहार पैसे की कमी की वजह से बदलता है, वही व्यवहार जब गरीब के पास एक सुरक्षा कवच होता है, तो वह एक आत्मविश्वास में बदल जाता है. आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों का इलाज लोगों की इस चिंता, व्यवहार को बदलने में सफल रहा है, जिसमें वह पैसे की कमी की वजह से अपना इलाज कराने अस्पताल जाते ही नहीं थे.
साल का आखिरी दिन डॉक्टरों, सफाईकर्मियों जैसे कोरोना योद्धाओं को याद करने का
साल का ये अंतिम दिन भारत के उन लाखों डॉक्टरों, स्वास्थ्य योद्धाओं, सफाई कर्मियों, दवा की दुकानों में काम करने वाले और दूसरे अग्रिम मोर्चों पर काम करने वाले कोरोना योद्धाओं को याद करने का है, जो मानवता की रक्षा के लिए लगातार अपने जीवन को दांव पर लगा रहे हैं. कर्तव्य पथ पर जिन साथियों ने अपना जीवन दे दिया है, मैं आज उन सबको आदरपूर्वक नमन करता हूं. आज देश उन साथियों को, उन वैज्ञानिकों को, उन कर्मचारियों को भी बार-बार याद कर रहा है, जो कोरोना से लड़ाई के लिए जरूरी चिकित्सा ढांचा तैयार करने में दिन रात जुटे रहे हैं.

