रांची: सभी प्रवासी मजदूरों की फ्री में घर वापसी, मजबूरी और भूखमरी से परेशान होकर अपने घरों के चल पड़े मजदूरों को एक त्वरित अभियान चलाकर केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों के सहयोग से उनके घरों तक पहुंचाने और उनके स्वास्थ्य की देखरेख सुनिश्चित करने, सभी मजदूरों और आयकर के दायरे में नहीं आने वाले लोगों के एकाउंट में तत्काल 10 हजार रुपये भेजने, मुनाफे की हवस में औद्योगिक सुरक्षा में बरती गयी लापरवाही के चलते पिछले दो दिनों में हुई औद्योगिक हादसों, मालगाड़ी से कूचले जाने के कारण दो दर्जन से अधिक मजदूरों की मौत के खिलाफ और सार्वभौमिक राशन प्रणाली लागू किए जाने की मांगों को लेकर फिजिकल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन पालन के साथ आगामी 9 मई को राज्यव्यापी विरोध दिवस आयोजित करने का ऐलान किया है.
वामदल घोषणा करते हैं कि मजदूरों को गुलाम बनाने के लिए जिस प्रकार गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और त्रिपुरा की भाजपा शासित राज्य सरकारों ने और उन्हीं के नक्शे कदम पर चलते हुए महाराष्ट्र की शिवसेना-कांग्रेस और राजस्थान की गहलोत सरकार ने लॉकडाउन की आड़ में श्रम कानूनों को फ्रीज करने और काम के घंटों को 8 से बढ़ाकर 12 घंटे करने की साजिश की है.
वामदल मजदूरों को साथ लेकर इन साजिशों का डटकर विरोध करेंगे. इसलिए वामदल आमलोगों से अपील करते हैं कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी और जन विरोधी नीतियों के खिलाफ और मजदूरों की सकुशल घर वापसी के लिए आइए 9 मई के विरोध दिवस में अपने घरों से ही हाथों में मांगों का पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज करें.
