तीन मंत्री व छह विधायकों ने कोरोना को दी मात, पांच विधायक इलाजरत
रांची. झारखंड में विधानसभा का मॉनसून सत्र संवैधानिक प्रावधान के मुताबिक 23 सितंबर के पहले आहूत किये जाने की तैयारी चल रही है. इस बीच कई मंत्री और विधायक भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, ऐसे में विशेष एहतियात और सतर्कता के बीच तीन से चार कार्यदिवस का सत्र आहूत किये जाने की संभावना है.
82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के 3 मंत्री और 11 विधायक कोरोना पॉजिटिव हो चुके है. जिनमें से तीनों मंत्री और छह विधायकों ने कोरोना को मात देने में सफलता हासिल की है, वहीं कोविड-19 पॉजिटिव पांच विधायक इलाजरत है. संक्रमित विधायकों में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस और भाकपा-माले के सदस्य शामिल है. जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अब तक तीन बार कोरोना टेस्ट करा चुके है और तीनों बार उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी है. इसके अलावा मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव और आलमगीर आलम समेत अन्य सदस्यों की भी कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी है.
सबसे पहले पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी, जिसके बाद वे एक सप्ताह से अधिक समय तक रिम्स के कोविड वार्ड में भर्ती रहे और स्वस्थ होने के बाद उन्होंने सचिवालय जाकर सरकारी कामकाज भी निपटाना शुरू कर दिया है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता की भी कोरोना पॉजिटिव हुए थे और मंगलवार को स्वस्थ होने के बाद उन्हें रिम्स के कोविड वार्ड से छुट्टी मिल गयी, लेकिन अभी होम आइसोलेशन में ही रहेंगे. कृषिमंत्री बादल की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन में ही उनका इलाज हुआ और अब उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आ चुकी है.
जेएमएम विधायक मथुरा प्रसाद महतो, बीजेपी के सीपी सिंह, आजसू पार्टी के सुदेश महतो, कांग्रेस की दीपिका प्रसाद , आजसू पार्टी के लंबोदर महतो और बीजेपी के रणधीर कुमार सिंह ने कोरोना को मात देने में सफलता हासिल की है. जबकि कोरोना पॉजिटिव बीजेपी के आलोक कुमार चौरसिया, कांग्रेस की अंबा प्रसाद, बीजेपी के नीलकंठ सिंह मुंडा , भाकपा-माले के विनोद कुमार सिंह और बीजेपी के कुशवाहा शशिभूषण मेहता इलाजरत है. इनमें अंबा प्रसाद का इलाज रिम्स के कोविड वार्ड में चल रहा है, जबकि अन्य विधायकों का इलाज होम आइसोलेशन में ही चल रहा है.

