नई दिल्ली: नेशनल स्पोर्ट्स-डे के अवसर पर आज खिलाड़ियों को अवॉर्ड से नवाजा जा रहा है. कोरोना संकट के बीच पहली बार अवॉर्ड सेरेमनी राष्ट्रपति भवन में नहीं हो पाई है. इस बार सेरेमनी का आयोजन वर्चुअल तरीके हुआ है.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अलग-अलग सात कैटेगरी में 74 खिलाड़ियों और कोट को पुरस्कृत किया है. इस बार खेल रत्न के लिए चुनीं गईं महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल पीपीई किट पहनकर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सेंटर में अवॉर्ड लेने के लिए पहुंची.
इससे पहले 2019 में एक साथ चार खिलाड़ियों को इस अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है. उस समय रियो ओलिंपिक में सिल्वर जीतने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और महिला रेसल में ब्रॉन्ज जीतने वाली साक्षी मलिक, जिमनास्ट दीपा कर्माकर और शूटर जीतू को भी खेल पुरस्कार मिला था.
बता दें कि केंद्र सरकार ने 2012 में 29 अगस्त को खेल दिवस मनाने का फैसला लिया था. इस दिन हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन होता है.
इस साल देश के सर्वश्रेष्ठ खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए क्रिकेटर रोहित शर्मा समेत पांच अन्य खिलाड़ियों का चयन किया गया था. रोहित शर्मा इस समय यूएई में हैं इस वजह से वो इस समारोह का हिस्सा नहीं बन पाए.
रोहित के अलावा खेल रत्न पुरस्कार रानी रामपाल, मनिका बत्रा, मरियप्पन थांगावेलू व विनेश फोगाट को दिए गए. विनेश फोगाट कोरोना पॉजिटिव होने की वजह से ये सम्मान नहीं ले पाईं.
खेल रत्न के अलावा 27 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसमें भारतीय तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा भी शामिल हैं. ईशांत भी इस समारोह का हिस्सा नहीं बने. कोविड 19 महामारी की वजह से इस बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सभी खिलाड़ियों को विज्ञान भवन से वर्चुअली खेल पुरस्कार दिए.
इस मौके पर देश के खेल मंत्री किरण रिजिजू, भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे. 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले पूर्व हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन भी होता है और इस दिन को ही भारत में खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है.
खेल रत्न पाने वाले तीन खिलाड़ियों मनिका बत्रा ने पुणे से, जबकि रानी रामपाल और मरियप्पन थांगावेलू ने बेंगलुरु से इस समारोह में हिस्सा लिया. रोहित शर्मा खेल रत्न पुरस्कार हासिल करने वाले भारत के चौथे क्रिकेटर बने. उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, एम एस धौनी व विराट कोहली ने ये सम्मान हासिल किया था.
खेल रत्न की पुरस्कार राशि 25 लाख तक बढ़ायी गयी
इस साल खिलाड़ियों के नकद पुरस्कारों में बढ़ोतरी की गयी है. आज सुबह खेल रत्न की पुरस्कार राशि को 25 लाख रूपये तक बढ़ा दिया गया जो पहले 7.5 लाख रुपए थी. अर्जुन पुरस्कार हासिल करने के लिए समारोह में 22 खिलाड़ी ऑनलाइन हुए, उन्हें 15 लाख रूपये दिए गए जो राशि पहले की तुलना में 10 लाख रूपये अधिक है.
द्रोणाचार्य (आजीवन) पुरस्कारों की राशि पहले पांच लाख हुआ करती थी जिसे 15 लाख रुपए कर दिया है. वहीं नियमित द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं को 10 लाख रूपये प्रदान किए गए जो पहले पांच लाख रुपए होती थी. ध्यानचंद्र पुरस्कार विजेताओं को पांच लाख के बजाय 10 लाख रुपए दिए गए.
कोविड-19 के कड़े प्रोटोकॉल के कारण पुरस्कार के 44 साल के इतिहास में पहली बार हुआ जब विजेता, मेहमान और गणमान्य लोग दरबार हॉल में इकट्ठा नहीं हो सके. इस साल अर्जुन पुरस्कार हासिल करने वालों में स्टार धाविका दुती चंद, महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा, गोल्फर अदिति अशोक और पुरूष हॉकी टीम स्ट्राइकर आकाशदीप सिंह शामिल थे.
पांच को द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजा गया
द्रोणाचार्य लाइफटाइम पुरस्कार आठ कोचों को दिया गया, जिसमें तीरंदाजी कोच धर्मेंद तिवारी, नरेश कुमार (टेनिस), शिव सिंह (मुक्केबाजी) और रमेश पठानिया (हॉकी) शामिल हैं. नियमित वर्ग में हॉकी कोच ज्यूड फेलिक्स और निशानेबाजी कोच जसपाल राणा सहित पांच को द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजा गया. शुक्रवार को एक दुखद घटना हुई जब द्रोणाचार्य (आजीवन) विजेता एथलेटिक्स कोच पुरूषोत्तम राय का दिल का दौरा पड़ने से बेंगलुरू में निधन हो गया.
इस साल ध्यानचंद पुरस्कार 15 कोचों को दिया गया है जिसमें सुखविदंर सिंह संधू (फुटबॉल), तृप्ति मुर्गुंडे (बैडमिंटन) और नंदन बाल (टेनिस) शामिल हैं. गोल्फर अदिति अशोक और पूर्व फुटबॉलर सुखविंदर सिंह संधू इसमें हिस्सा नहीं ले सके क्योंकि वे देश से बाहर हैं.
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार-
रोहित शर्मा (क्रिकेट), मरियप्पन थांगवेलु (पैरा एथलीट), मनिका बत्रा (टेबल टेनिस), विनेश फोगाट (कुश्ती), रानी रामपाल (हॉकी).
अर्जुन पुरस्कार-
अतनु दास (तीरंदाजी), दुती चंद (एथलेटिक्स), सात्विक साईराज रंकीरेड्डी (बैडमिंटन), चिराग चंद्रशेखर शेट्टी (बैडमिंटन), विश्वेश भृगुवंशी (बास्केटबॉल), मनीष कौशिक (मुक्केबाजी), लवलिना बोरगोहान (मुक्केबाजी), दीप्ति शर्मा (क्रिकेट), सावंत अजय अनंत (अश्वारोही), संदेश झिंगन (फुटबॉल), अदिति अशोक (गोल्फ), आकाशदीप सिंह (हॉकी), दीपिका (हॉकी), दीपक (कबड्डी), काले सारिका सुधाकर (खो खो), दत्तू बबन भोकानल (रोइंग), मनु भाकर (निशानेबाजी), सौरभ चौधरी (निशानेबाजी), मधुरिका पाटकर (टेबल टेनिस), दिविज शरण (टेनिस), शिवा केशवन (शीतकालीन खेल), दिव्या काकरान (कुश्ती), राहुल अवारे कुश्ती), सुयश नारायण जाधव (पैरा तैराक), संदीप (पैरा एथलीट), मनीष नरवाल (पैरा निशानेबाजी).
द्रोणाचार्य पुरस्कार (लाइफटाइम)-
धर्मेंद्र तिवारी (तीरंदाजी), पुरुषोत्तम राय (एथलेटिक्स), शिव सिंह (मुक्केबाजी), रोमेश पठानिया (हॉकी), कृष्ण कुमार हुड्डा (कबड्डी), विजय भालचंद्र मुनीश्वर (पैरा पावरलिफ्टिंग), नरेश कुमार (टेनिस), ओम प्रकाश दहिया (कुश्ती).
नियमित श्रेणी-
ज्यूड फेलिक्स (हॉकी), योगेश मालवीय (मल्लखंब), जसपाल राणा (निशानेबाजी), कुलदीप कुमार हांडू (वुशु), गौरव खन्ना (पैरा बैडमिंटन).
ध्यानचंद पुरस्कार-
कुलदीप सिंह भुल्लर (एथलेटिक्स), जिंसी फिलिप्स (एथलेटिक्स), प्रदीप श्रीकृष्ण गंधे (बैडमिंटन), तृप्ति मुर्गुंडे (बैडमिंटन), एन उषा (मुक्केबाजी), लखा सिंह (मुक्केबाजी), सुखविंदर सिंह संधू (फुटबॉल), अजीत सिंह (हॉकी), मनप्रीत सिंह (कबड्डी), जे रंजीत कुमार (पैरा एथलेटिक्स), सत्यप्रकाश तिवारी (पैरा बैडमिंटन), मंजीत सिंह (रोइंग), स्वर्गीय श्री सचिन नाग (तैराकी), नंदन बाल (टेनिस), नेत्रपाल हुड्डा(कुश्ती).
तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार-
अनीता देवी, कर्नल सरफराज सिंह, टाका तमुत, नरेंद्र सिंह, केवल हिरेन कक्का, सतेंद्र सिंह, गजानंद यादव, स्वर्गीय मगन बिस्सा.

