हजारीबाग: हजारीबाग स्थानीय सूचना भवन सभागार में सोमवार को पोषण संबंधी जागरूकता को लेकर प्रेस वार्ता डॉ बीएन प्रसाद की उपस्थिति में आयोजित की गई. उन्होंने वार्ता के दौरान एचबीएनसी होम बेस्ड न्यू नेटल केयर को लेकर विस्तार से बताया.
उन्होंने कहा कि जिले में प्रतिदिन आंगनवाड़ी सेविका, सहिया को पांच दिवसीय ट्रेनिंग दी जा रही है, और प्रशिक्षण के उपरांत अपने अपने प्रखंडों के घर-घर जाकर बच्चों को कुपोषण की जानकारी दे रही हैं, और साथ ही साथ कुपोषण की जांच भी की जा रही है.
वहीं अस्पताल में जन्म लेने वाले हर नवजात शिशुओं की प्रथम 42 दिन तक की ग्रोथ चेकअप रिपोर्ट तैयार करती हैं. इस दौरान किसी प्रकार की शिशु संबंधित शिकायत होने पर उन्हें तुरंत चिकित्सीय परामर्श देने के साथ-साथ उपचार भी करती है.
रिपोर्ट के दौरान वजन,ऊंचाई,स्वास्थ्य की जांच रिपोर्ट दर्ज की जाती है ,और तय मानकों के अनुरूप उन्हें डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है. वह घर-घर जाकर एमयु मिड अपर बैंड के माध्यम से बच्चों की विकास दर की रिपोर्ट तैयार करती हैं, इस माध्यम से शिशुओं के बाजू की मोटाई 11.5 सेंटीमीटर से कम होने पर पोषण उपचार केंद्र में रेफर किया जाता है.
इस दरमियान माताओं को किसी प्रकार का खर्च नहीं होता और निशुल्क बच्चों की देखभाल की जाती है,तथा माताओं के खानपान के लिए प्रतिदिन ₹100 भी दिया जाता है. इस क्रम में आवागमन के लिए 108 की भी सुविधा दी जाती है.
अब तक जिले के कुल 4739 घरों में सहिया के द्वारा घर-घर विजिट किया जा चुका है और अब तक 335 घरों में कमजोर बच्चों को चिन्हित किया जा चुका है जिनके अंतर्गत 230 शिशुओं को नियमित फॉलो किया जा रहा है, तथा इसके उपरांत 36 बच्चों का लो बर्थ वजन चिन्हित किया गया है. सहिया के द्वारा घर-घर जाकर हैंड वॉशिंग की उपयोगिता को भी बताया जा रहा है.

