रांचीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर बुधवार को जगन्नाथ मंदिर धुर्वा के समीप टीवीएस मैदान में सेवा सप्ताह मनाया गया. सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के झारखंड विस प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओपी माथुर ने कहा कि पहले प्रधानमंत्रियों का जन्मदिवस सिर्फ एक महिमामंडन दिवस होता था लेकिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद इस महिमामंडन प्रथा को खत्म करते हुए अपना जन्मदिन सामाजिक सरोकार के साथ मनाया. अपने हर जन्मदिवस पर सामाजिक उत्थान की दिशा में एक नई परिपाटी को विकसित किया. इसी कड़ी में हम सभी ने इस जन्मदिवस को सेवा सप्ताह के रूप में मनाने का निर्णय लिया. आज बीमारी का एक सबसे बड़ा कारण गंदगी एवं प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग है जिसे कम करने की शपथ हमें लेनी होगी तभी हम स्वस्थ एवं खुशहाल झारखंड की कल्पना कर सकते हैं. हर साल पूरे विश्व में लाखों लोग बीमारी से मरते हैं जिसको देखते हुए मोदी सरकार ने एक सकारात्मक पहल करते हुए पूरे विश्व को योग को अपनाने का आह्वान किया जिसे पूरे विश्व ने सहर्ष स्वीकार करते हुए 21 जून को योगदिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री जो न सिर्फ स्वस्थ भारत बल्कि स्वस्थ विश्व की कामना करते हैं.
पीएम के नये भारत के निर्माण की सोच बिल्कुल अलग
झारखंड के सह प्रभारी नंद किशोर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नये भारत के निर्माण की सोच बिल्कुल अलग और अनूठी है. 2014 में पहली सरकार बनने के साथ ही उन्होंने गरीबों को प्राथमिकता देते हुए जनधन खाता खुलवाने की बात की, जिसका विपक्षी पार्टियों ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि गरीबों के पास पैसे ही नहीं हैं तो खाते की क्या उपयोगिता है लेकिन प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के उस वक़्त लोग कायल हो गए जब जनधन खातों की सहायता से सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि गरीबों को सीधे मिली और बिचौलियों का राज समाप्त हुआ. आज सरकार गरीबों को स्वस्थ एवं खुशहाल रखने के लिए दोनों मोर्चों पर काम कर रही है, पहला मोर्चा गंदगी के कारण बामारी न फैले इसीलिए स्वच्छता अभियान और दूसरा मोर्चा आयुष्मान भारत जिससे लोगों का इलाज सुनिश्चित हो सके. मौके पर ओपी माथुर के द्वारा स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त झारखंड के निर्माण की शपथ दिलाई गई एवं थैला वितरण किया गया. कार्यक्रम में दीपक प्रकाश, प्रतुल शाहदेव, शिवपूजन पाठक, अभिजीत घोष, पुनिता राय सहित रिम्स के डॉक्टरों की टीम उपस्थित थी.

