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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से वंचित वर्गों को मिली बड़ी राहत: अरिमर्दन सिंह

by bnnbharat.com
August 25, 2020
in Uncategorized
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से वंचित वर्गों को मिली बड़ी राहत: अरिमर्दन सिंह
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रांची: वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए एडीजी, पीआईबी व आरओबी, रांची ने सभी अतिथियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज से वंचित वर्गों को बड़ी राहत मिली है.

उन्होंने कहा कि कोरोना विपदा के दौर में रोज कमाने खाने वाले लोग संकट में घिरे थे, जिन्हें केंद्र सरकार ने हर तरह से सहयोग पहुंचा कर उन्हें संकट से उबारा .

अपने अनुभव साझा करते हुए सिंह ने कहा कि महिलाओं के जनधन खातों में सहयोग राशि पहुंचने की खुशी उन्होंने खुद लाभुकों के चेहरे पर देखी है.

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौर में केंद्र सरकार ने दिव्यांगजनों तक सुविधाजनक तरीके से पेंशन राशि उपलब्ध करायी गयी तथा निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए भी केंद्र सरकार ने पहल की.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज को मौजूदा समय की सबसे प्रभावकारी योजना बताते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से अभी भी कई लोग उद्योग धंधों के बंद रहने की वजह से परेशान हैं, जिन्हें यह पैकेज संबल दे रहा है.

जन वितरण प्रणाली का बेहतर क्रियान्वयन भूख से जंग में बनी हथियार : नलिनी कांत ठाकुर 

वेबिनार परिचर्चा में शामिल होते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं विश्लेषक नलिनी कांत ठाकुर ने जन वितरण प्रणाली और सामुदायिक किचेन के इतिहास पर प्रकाश डाला.

उन्होंने बताया कि पहले अक्सर अकाल की स्थिति उत्पन्न हो जाया करती थी, जिससे निपटने के लिए देश में हरित क्रान्ति लायी गई. हरित क्रांति के बावजूद भूख की समस्या जस की तस बनी रही कारण था गोदाम में अनाज तो था लेकिन गरीब फिर भी भूखे पेट सोने को मजबूर थे.

ऐसे समय में सबसे पहले तमिलनाडु में मुख्यमंत्री किचेन नाम से नया प्रयोग शुरू हुआ जो भूख से जंग में काफी कारगर साबित हुआ. मौजूदा कोरोना काल में भी जन वितरण प्रणाली का बेहतर क्रियान्वयन भूख से जंग में हथियार बन चुका है.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज  न होता  तो कोरोना से पहले भूख से मरते लोग : डॉ आरके नीरद 

वेबिनार में जाने माने पत्रकार डॉ आर.के. नीरद ने भी हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अगर कमजोर तबकों को  प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज  का साथ न मिला होता तो हालात बहुत विकट हो सकती थी.

नीरद ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज  को अमलीजामा पहना कर अपनी दूरदर्शिता का परिचय कराया है जो एक लोक कल्याणकारी राज्य में ही संभव है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने सही समय पर सही कदम न उठाया होता तो भारत की हालत सोमालिया जैसी हो जाती और कोरोना से पहले लोग भूख से ही मर जाते.

कोरोना कल में देश के संघीय ढांचे की तारीफ करते हुए नीरद ने बताया कि कोरोना काल में राज्य सरकारों ने भी अपनी तरफ से 116 लाख मीट्रिक टन अनाज उपलब्ध कराया तथा धार्मिक और सामाजिक  संगठनों ने भी गरीबों की बढ़चढ़ कर सहायता की.

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