रांची: पं.राजकुमार शुक्ल जी की 145वीं जयंती पर साहित्योदय शब्दांजलि का विशेष आयोजन हुआ. दुनियाभर के विद्वानों ने भाग लिया. मांग उठी पंडित राजकुमार शुक्ला को भारत रत्न मिलना चाहिए.
मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा बनाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल की 145 वीं जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय गोष्ठी सह परिचर्चा का आयोजन किया गया जो पूरे विश्व में एक साथ 3 चैनलों पर लाइव प्रसारण हुआ.
साहित्योदय चैनल पर तकरीबन ढाई घण्टे तक चले विशेष लाइव वेबिनार में दुनियाभर के शिक्षाविद, लेखक, अधिकारी, हॉलीवुड, बॉलीवुड के फ़िल्म अभिनेता और निर्देशको ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन पद्मश्री डॉ एस एन सुब्बाराव ने किया.
इस अवसर पर डॉक्टर सुब्बाराव ने कहा कि राजकुमार शुक्ल के बिना महात्मा गांधी क्या इतिहास अधूरा है क्योंकि राजकुमार शुक्ल जैसा हटी व्यक्ति जिन्होंने गांधी जी को चंपारण लाने पर मजबूर किया आप कल्पना कर सकते हैं.
उस समय का दौर जहां आवागमन के बहुत सीमित संसाधन थे. वैसे ही स्थिति में राजकुमार शुक्ल जो पेशे से किसान थे. उन्होंने कभी कोलकाता कभी लखनऊ कभी साबरमती गुजरात गांधी जी से मिलने जाते थे.
आप समझ सकते हैं कि राजकुमार शुक्ल का व्यक्तित्व क्या था, जिन्होंने अपनी पूरी जमीन, गाय बछड़ा तक आंदोलन के लिए न्योछावर कर दिया. उस आजादी के दीवाने को भारत रत्न से सुशोभित किया जाना चाहिए, तभी हम उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं.
इस अवसर पर फिल्म अभिनेता राजेश जैस ने कहा कि जब वह महात्मा गांधी के ऊपर फिल्म में काम कर रहे थे उस दौरान कुछ जानकारी उन्हें मिली और काफी जिज्ञासा जागी कि उनके बारे में ढेर सारी जुटाई जाए.
आज इस वेबीनार के माध्यम से बहुत कुछ जानने का मौका मिला. उन्होंने कहा कि इनके ऊपर फीचर फिल्म बनती है तो वह जन जन तक उनके व्यक्तित्व को पहुचाने का मौका मिलेगा और युवाओं को उनके बारे में जानकारी होगी.
साथ ही आने वाले जेनरेशन को होगी इस ओर प्रयास किया जाना चाहिए. इस अवसर पर डीपीएस स्कूल के प्रिंसिपल व सऊदिया के अध्यक्ष डॉ राम सिंह ने कहा कि राजकुमार शुक्ल जैसा व्यक्तित्व को शिक्षा विभाग अपने पाठ्यक्रम में शामिल करें ताकि देश की इतिहास के बारे में और आजादी से संबंधित सामग्री छात्रों और शिक्षकों को जानने का मौका देगा.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पंडित राजकुमार शुक्ल फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि कार्यक्रम का विषय: ” भारत की आज़ादी में पंडित राजकुमार शुक्ल का योगदान” था.
इससे पूर्व हरसाल विशेष कार्यक्रमों के आयोजन किया जाता रहा है लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए इसबार ऑनलाइन लाइव कार्यक्रम सेमिनार कर उन्हें शब्दांजलि सुमन अर्पित किया गया.
पंडित शुक्ल के सभी चाहने वालो ने लाइव कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपनी शब्दांजलि दी. इस अवसर पर दूरदर्शन के निर्देशक दिल्ली के अमरनाथ अमर वरिष्ठ लेखक भैरव लाल दास डॉक्टर सुजाता चौधरी भूपेंद्र प्रसाद कृपाशंकर झारखंड विधानसभा के संयुक्त सचिव मिथिलेश कुमार मिश्र फिल्म निर्देशक ऋषि प्रकाश मिश्रा सहित अन्य अतिथि शामिल हुए.
कार्यक्रम की शुरुआत में पंडित राजकुमार शुक्ल और गांधी के ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन प्रख्यात टीवी पत्रकार, मंच सञ्चालक और सुप्रसिद्ध साहित्यकार पंकज प्रियम ने किया .
आज इस कार्यक्रम का प्रसारण दुनियाभर के 70 से अधिक देश में सीधा प्रसारण हुआ, जिससे बड़ी संख्या में दर्शक जुड़े रहे और शब्दावली के माध्यम से अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

