पूर्वजों को किया गया याद
रांची:- झारखंड की राजधानी रांची स्थित अल्बर्ट एक्का चैक पर अखंड भारत संस्थान की ओर से शुक्रवार को अंग्रेजी नववर्ष मनाए जाने के विरोध में कार्यक्रम आयोजित कर संगठन की ओर से हिन्दू धर्म के पूर्वजों को याद किया गया.
अखंड भारत के अध्यक्ष ब्रजेश सिंह ने बताया कि 1जनवरी को नववर्ष मनाना गुलामी का प्रतीक है. भारतीय संस्कृति और सामाजिक ताना-बाना के अनुसार रात 12.01 मिनट पर दिन कैसे हो सकता है, इसका सभी को चिंतन करना चाहिए. यह ब्रिटिश शासन में अंग्रेजों द्वारा थोपी गयी संस्कृति और परंपरा का निर्वहन है, इससे मुक्ति के लिए अब लोगां को आगे आने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से पिछले कई वर्षाें से एक जनवरी को संस्कृति रक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है, इस दौरान लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है.
ब्रजेश सिंह ने कहा कि संस्कृति रक्षा दिवस के मौके पर लोगों को पंपलेट और पर्ची बांट कर यह बताया जाता है कि मुगल और अंग्रेजी शासनकाल में 8 से 10 करोड़ हिन्दुओं की हत्या कर दी गयी, उनकी आत्मा की शांति को लेकर सभी से प्रार्थना की अपील की जाती है.
