रांची: पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सी ए ए के खिलाफ सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया गया. शहीद चौक पर बड़ी संख्या में पुरूष और महिलाओं ने सिर पर कफन ओढ़कर विरोध दर्ज किया.
आंदोलन रेशमी रुमाल के संयोजक मोहम्मद जमील खान ने कहा कि सरकार अपने वादे से मुकर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने नारा दिया था कि 125 करोड़ जनता का विकास सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर होगा, लेकिन आज सरकार इस वादे से मुकर रही है. कभी तीन तलाक , कभी राम मंदिर, कभी एन आर सी, सी.ए.ए, एन पी आर जैसे विवादित मुद्दों को लाकर देश का विनाश करने की नीति पर सरकार आगे बढ़ रही है, उन्होंने कहा कि भारत को अगर आगे बढ़ाना है, तो विवादित मुद्दों को छोड़कर युवाओ को रोजगार, नौकरी, शिक्षा पर बल देना होगा. उन्होंने कहा कि भारत को आजाद कराने में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी ने मिलकर बलिदान दिया है.
इस कार्यक्रम में मुख्य रुप से जमील खान, अशरफ़ खान, अब्दुल हसीब, वसीम अकरम, बब्लु नईम, अरशद खान, चन्दा प्रवीन, गज़ाला पर्वीन, कामरान, अबुज़र गफ़्फ़ारी, लडडन खान, मो.राशीद, मो इमरान, भिम आर्मी के सदस्य, जोलेन टोप्पो , जिला प्रधान महासचिव, राजकुमार ठाकुर, रोनक खान आदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे.

