BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

हितग्राहियों को अच्छे किस्म के पौधे उपलब्ध कराये: कमिश्नर मिश्रा

by bnnbharat.com
June 22, 2020
in समाचार
हितग्राहियों को अच्छे किस्म के पौधे उपलब्ध कराये: कमिश्नर मिश्रा
Share on FacebookShare on Twitter

मप्र.: चंबल संभाग के कमिश्नर आरके मिश्रा ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा स्वसहायता समूहो को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाये जा रहे है. साथ ही आजीविका अनुसंधान केन्द्र खोले जाकर ग्रामीण विकास की दिशा में प्रयास जारी है.

इन प्रयासों को दृष्टिगत रखते हुए आजीविका अनुसंधान केन्द्र में कार्यरत हितग्राहियों को अच्छे किस्म के पौधे उपलब्ध कराये जाये. जिससे स्वसहायता समूहों का तरक्की का मार्ग प्रशस्त होगा.

साथ ही अपने परिवारों की उधर पूर्ति में समूह सक्षम बनेंगे. वे आज मप्र डे-आजीविका ग्रामीण मिशन के माध्यम से जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम सेंसईपुरा के क्षेत्र में स्थित आजीविकास अनुसंधान केन्द्र की नर्सरी पर अधिकारी और समूह की महिलाओं से चर्चा कर रहे थे.

इस अवसर पर कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत हर्ष सिंह, सहायक कलेक्टर पवार नवजीवन विजय, एसडीएम कराहल विजय यादव, डीपीएम आजीविका मिशन सोहनकृष्ण मुदगल, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण एलआर मीना, कार्यपालन यंत्री आरईएस पीएस इटोरिया, जल संसाधन सुभाष गुप्ता, सीईओ जनपद एसएस भटनागर, सहायक संचालक मत्स्य पालन बीपी झसिया, उद्यानिकी पंकज शर्मा, प्रभारी तहसीलदार शिवराज मीणा, नायब तहसीलदार हरिओम पचैरी, संकुल आजीविकास के सेंसईपुरा संकुल की नोडल सोनिया परिहार एवं स्वसहायता समूहों की पदाधिकारी, क्षेत्रीय ग्रामीणजन उपस्थित थे.

आयुक्त चंबल संभाग आरके मिश्रा ने कहा कि आजीविका अनुसंधान के क्षेत्र में स्वसहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए पौधों के बगीचा के अलावा मछली पालन तालाब, गौशाला की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाये.

उन्होंने कहा कि यहां के क्षेत्र में पुलिया निर्माण, बाउन्ड्रीवाॅल और दो बोर कराने की सुविधा उपलब्ध कराई गइ्र्र है. उन्होंने कहा कि अनुसंधान क्षेत्र में हेचर लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, जिसका कार्य वन विभाग के माध्यम से कराया जाये.

उन्होंने कहा कि अनुसंधान केन्द्र के समीप से निकल रही कूनो नदी पर रिटर्निग वाॅल बनाई जाये. जिससे अधिक से अधिक पानी रूक कर सभी के काम आयेगा. उन्होंने कहा कि स्वसहायता के यहां आम का प्लानटेशन कराने से समूहो की आय में बृद्धि होगी.

साथ ही दो या तीन साल में आम को बेचने के लिए फू्र्रटी, माजा कंपनी एग्रीमेंट कर अधिक से अधिक किमत पर माल को खरीद सकती है. परन्तु आम का बगीचा 10 हेक्टयर भूमि में होना चाहिए. जिसमें तोतापरी आम को खरीदने में अधिक महत्व मिलेगा. कमिश्नर ने अनुसंधान केन्द्र के परिसर में बोर खनन कार्य का पूजा किया.

इसी प्रकार विकसित किये जा रहे मछली पालन तालाब को स्वसहायता समूह से लिंक किया जाकर समूह की आय बढेगी. साथ ही गौशाला की जिम्मेदारी स्वसहायता समूह द्वारा करने पर गाय का गोबर खाद के रूप में काम आयेगा.

साथ ही गौमूत्र को आयुर्वेदिक कंपनियां खरीदने के लिए आ सकती है. जिससे समूहों की आय में इजफा होगा. उन्होंने कहा कि गौशाला में 40 प्रतिशत गिर गाय रखने के निर्देश शासन द्वारा दिये गये है. इन गायों का दूध भी बेचा जाकर समूह तरक्की की रहा पकड सकते है.

उन्होंने कहा कि अनुसंधान केन्द्र का प्लान तैयार कर कन्ट्रोलरूम की व्यवस्था भी कराई जाये. जिससे अनुसंधान की गतिविधियों की डिटेल जानकारी नागरिक प्राप्त कर सके. इस केन्द्र में सुविधाओं का डिटेल चार्ट लगाया जाये.

कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने इस अवसर पर बताया कि आजीविका मिशन के माध्यम से 528 बगीचे स्वसहायता समूहों के यहां लगवाये गये है.  इस वर्ष 10 हजार बगीचे और लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. इस लक्ष्य के अनुरूप स्वसहायता समूहों के हितग्राहियों को आम, अमरूद, कटहल के पौधों का बगीचा लगाये जायेंगे.

उन्होंने कहा कि आजीविका अनुसंधान केन्द्र पर समूहों को रोहू, कतला मछली का बीज उपलब्ध कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि समूहों की आय में इजाफा करने के लिए ककडनाथ प्रदान करने की व्यवस्था आजीविका मिशन के माध्यम से की गई है.

इस व्यवस्था से समूह एक ककडनाथ को 1500 रूपये तक बेचने की सुविधा का लाभ उठा रहे है. जिससे उनकी आय में इजाफा हो रहा है. उन्होंने कहा कि हेचर लगाने के लिए वन विभाग के माध्यम से व्यवस्था कराई जावेगी. यहां की गौशाला में 10 से 15 दूध वाली गाय रखने की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी.

जिला पंचायत के सीईओ हर्ष सिंह ने आजीविका अनुसंधान केन्द्र के क्षेत्र में गौशाला निर्माण, पौधों की नर्सरी, मछली पालन की सुविधा के बारे में अवगत कराया. साथ ही योग के लिए हट बनाने का प्लान तैयार किया गया है. कूनो नदी पर रिटर्निग वाॅल बनाने का चयन किया जा चुका है.

इस अनुसंधान केन्द्र में तीन बोर कराये जा रहे है. जिससे यहा की तीनो सुविधाओं को पर्याप्त पानी मिलेगा. डीपीएम सोहनकृष्ण मुदगल ने बताया कि जिले में आजीविका मिशन के माध्यम से 528 आम, अमरूद, कटहल के बगीचे लगाये गये है.

उन्होंने कहा कि यहा की गौशाला का कार्य ठाकुर बाबा समूह को दिया गया है. ग्राम पंचायत के माध्यम से गौशाला भवन का निर्माण कराया जा रहा है. गौशाला में गिर गाय 40 प्रतिशत रखने के लिए अनुकूल वातावरण है.

उन्होंने कहा कि अनुसंधान केन्द्र में सताबर मूसडी आदि जड़ीबूटी का भी प्रयोग किया जायेगा. स्वसहायता समूह की कलिया आदिवासाी ने इस दौरान बताया कि मछली पालन तालाब कराहल में कातुआ, रोहू का बीज डाला गया है. उन्होंने कहा कि गिलास एवं झिगा मछली का बीज डालने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे समूह की आमदनी बढेगी.

आयुक्त ने पनवाडा के हितग्राही द्वारा लगाये गये बगीचे का किया निरीक्षण

चंबल संभाग के कमिश्नर आरके मिश्रा ने कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव के साथ आजीविका मिशन के माध्यम से जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम पनवाडा में आजीविका मिशन द्वारा संचालित भगवती स्वसहायता समूह की महिला भगवती एवं रचना के बगीचे का निरीक्षण किया.

साथ ही दशहरी, केसर, राजभोग आम के पेड में लग रहे फलो का अवलोकन किया. साथ ही हितग्राही ममता एवं रचना से चर्चा कर बगीचे से हो रही आमदनी की जानकारी ली.

स्वसहायता समूह की हितग्राही महिला भगवीत आदिवासी ने बताया कि हमारे बगीचे में केसर, राजभोग आम के पेड आमदनी बढ़ाने में सहायक बन रहे है.

हिताग्राहियों ने बताया कि आम फल का विक्रय कराहल के अलावा कराहल-पनवाडा सडक पर ठेला लगाकर दशहरी, केसर, राजभोग आमो की फसल बेचकर काफी लाभ उठा रहे  है.

उन्होंने कहा कि बगीचे में लगे पेड़ों के बीच में बैगन, टमाटर, भिण्डी सब्जी फसल भी उगाकर अपनी आय में इजाफा कर रहे है. कमिश्नर मिश्रा ने विभागीय अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि किसानों को यहां बगीचे के अलावा तीन-चार प्रकार की ओर सुविधाएं देने पर वे आर्थिक दिशा में और अधिक तरक्की करेंगे. उन्होंने ठेला से विक्रय किये जा रहे आम फल भी देखे. साथ ही कमिश्नर एवं कलेक्टर ने विजिटर बुक पर हस्ताक्षर किये. साथ ही संस्था के कार्य की सराहना की.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

कोरोना के इलाज में सहायक होगी ग्लेनमार्क की दवा, सरकार से मिली मंजूरी

Next Post

ये साल भी बीत गया, लेकिन नहीं बन सका पुल

Next Post
ये साल भी बीत गया, लेकिन नहीं बन सका पुल

ये साल भी बीत गया, लेकिन नहीं बन सका पुल

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d