रांची: रिलायंस जियो पर वॉइस कॉल अब फ्री नहीं रहेगा. जियो कस्टमर्स को 6 पैसे प्रति मिनट चार्ज देना होगा. इसके बाद से सोशल मीडिया में भी जियो का बहिष्कार शुरु हो गया है. ट्वीटर से इसकी शुरुआत हुई है. कल उद्योगपति मुकेश अंबानी की टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने कॉल टर्मिनेशन चार्ज से जुड़े नियमों की अनिश्चितता के कारण बुधवार को घोषणा की है कि वह कस्टमर्स से वॉइस कॉलिंग के पैसे चार्ज करेगा. जियो यूजर्स जियो के अलावा बाकी नेटवर्क पर वॉयस कॉल करेंगे, तो उनसे 6 पैसे प्रति मिनट चार्ज किया जायेगा. हालांकि उन्हें बराबर मूल्य का फ्री डेटा देकर जियो कंपनी इसे बैलेंस करेगी. जियो द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि जब तक टेलिकॉम ऑपरेटरों को अपने यूजर्स द्वारा अन्य ऑपरेटरों के नेटवर्क पर किये गये मोबाइल फोन कॉल के लिए पेमेंट करने की जरूरत पड़ रही है, तब तक 6 पैसा प्रति मिनट शुल्क लागू रहेगा.
जियो यूजर्स द्वारा दूसरे जियो नंबर पर किये गये कॉल और वॉट्सएप पर चार्ज नहीं
जियो के अनुसार यह चार्ज जियो यूजर्स द्वारा दूसरे जियो नंबर पर किये गये कॉल और वॉट्सएप, फेसटाइम या ऐसे अन्य प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर किये गये फोन और लैंडलाइन कॉल पर लागू नहीं होगा.
ट्राई के फैसले के कारण जियो ने उठाया कदम
जान लें कि 2017 में दूरसंचार नियामक ट्राई ने इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज (IUC) को 14 पैसे से 6 पैसे प्रति मिनट तक घटा दिया था. ट्राई ने कहा था कि इसे जनवरी, 2020 तक खत्म कर दिया जायेगा. खबरों के अनुसार ट्राई ने रिव्यू के लिए एक कंसल्टेशन पेपर मंगवाया है कि क्या इस टाइमलाइन को बढ़ाने की जरूरत है. चूंकि जियो नेटवर्क पर वॉइस कॉल फ्री हैं, इसलिए कंपनी को भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसे ऑपरेटर्स को किये गये कॉल्स के लिए 13,500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा है.



