रांची: रांची समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में 19 जनवरी से शुरु होनेवाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो कार्यक्रम की सफलता हेतु जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई. बैठक में उपविकास आयुक्त रांची अनन्य मित्त्ल द्वारा सिविल सर्जन, रांची को पल्स पोलियो कार्यक्रम की सफलता हेतु आवश्यक कार्य योजना के आधार पर कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये.
बैठक में अनन्य मित्तल ने जिले में 19 से 21 जनवरी तक चलने वाले त्रिदिवसीय पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित करने तथा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया.
बैठक में बताया गया कि रांची जिले में पांच वर्ष से कम आयु के 5 लाख 07 हजार 908 बच्चों का पोलियो टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके लिए 3858 बूथ चयनित किये गये हैं. कार्यक्रम के तहत 20 एवं 21 जनवरी को घर-घर जाकर पोलियो ड्रॉप पिलाने के लिए 4219 टीम का गठन किया है.
पोलियो अभियान की सफलता के लिए 291 ट्रांजिट और मेला टीम तथा 56 मोबाइल टीम गठन भी किया गया है. 8437 वैक्सिनेटर तथा 560 सुपरवाइजर की प्रतिनियुक्ति की गई है.
उपविकास आयुक्त ने जिला स्तर से सभी बीडीओ, सीओ एवं सीडीपीओ को अपने-अपने क्षेत्र में परिभ्रमण एवं निरीक्षण का निर्देश देते हुए कहा कि हाई रिस्क एरिया का अच्छी तरह से कवरेज किया जाये.
उपविकास आयुक्त ने हाई रिस्क एरिया की डेली रिपोर्टिंग करने को कहा. मित्तल ने काॅल सेंटर बनाकर सभी बूथों से दिन में तीन बार रिपोर्ट एकत्रित कर उन्हें भेजने का निर्देश दिया.
उपविकास आयुक्त ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान को लेकर शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में जनसंपर्क अभियान चलाया जाये. मुख्य रूप स्कूलोें में पल्स पोलियो कार्यक्रम से संबंधित जागरूकता संदेश प्रेषित करने का निर्देश उन्होंने डीइओ को दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि सभी सेविका-सहायिका एवं एएनएम द्वारा प्रखंड और क्लस्टर स्तर पर जागरूकता अभियान निरंतर चलाए जाएंगे.
उन्होंने निर्देश दिया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से घर-घर जा कर आमजनों को जागरूक किया जाना है. सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं लेडी सुपरवाइजर अपने दायित्व का निर्वहन कर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है. साथ ही एक सक्रिय कार्य योजना के आधार पर धरातल पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाना चाहिए. दूसरे विभागों से कार्यक्रम के प्रचार प्रसार के लिए भी उपविकास आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निदेश दिया.
बैठक में उपविकास आयुक्त ने पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम से संबंधित प्रखंडवार माइक्रोप्लान जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. सभी सहियाओं समय पर पोलियो प्रतिरक्षण संबंधी सामग्री उपलब्ध कराने, दवा पिलानेवालों को उचित प्रशिक्षण देने, सामुदायिक जागरूकता लाने, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने, शिक्षा विभाग द्वारा रैली निकालने, शहरी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में नेहरू युवा केंद्र, एनसीसी, स्काउट, गाईड एवं स्वयंसेवकों को प्रतिनियुक्त करने, बूथों का पर्यवेक्षण प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं सीडीपीओ द्वारा करने इत्यादि का निर्देश दिया.
साथ ही उन्होंने जिला एवं प्रखंड स्तर पर सभी एमओआईसी, महिला डॉक्टर एवं एएनएम के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर चलाए जाने का निर्देश दिया ताकि क्षेत्र में स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर पूर्ण रूप से कार्य किया जा सके.
बैठक में सिविल सर्जन, रांची, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, यूनिसेफध्डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि, बीपीएम, महिला पर्यवेक्षिका एवं गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

