रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और डा राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुवर दास को एक साल पुरानी गठबंधन सरकार पर सवाल उठाने की जगह कोरोना संक्रमण काल में किए गए कार्यो और जरूरतमंद परिवार को अनाज तथा ग्राम पंचायत में रोजगार मुहैया कराने के लिए आभार व्यक्त करना चाहिए.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि ठगबंधन की बात करने वाले रघुवर दास और भाजपा नेताओं को राज्य की जनता ने बेरमो और दुमका विधानसभा उपचुनाव में सबक सिखाने का काम किया है. राज्य की जनता ने पिछले 19 वर्षों में देखा है कि किस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने पूरे झारखंड के विकास को अवरुद्ध करने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में एमबीए, एमसीए पीजी और स्नातक किए हुए युवाओं को मात्र 5000 से 6000 की नौकरी के लिए दिल्ली मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में भेज दिया गया और आज सभी युवा वापस घर लौट चुके हैं.
इतना ही नहीं राजधानी रांची के मोराबादी मैदान में आज विभिन्न विभागों की परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं इसके लिए भी पूरी तरह से रघुवर दास ही दोषी है. आज अगर युवा अपने इंसाफ के लिए खुले आसमान के नीचे ठंढ़ में ठीठुरने के लिए विवश हैं तो इसके लिए भी भाजपा ही जिम्मेवार है.उन्होंने कहा कि अनर्गल बयान बाजी छोड़कर रघुवर दास को जनता से माफी मांगनी चाहिए.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि महिला उत्पीड़न की बात करने वाले रघुवर दास को यह याद रखना चाहिए कि उनके कार्यकाल में ही एक बेटी के पिता को दुत्कार कर मंच से नीचे उतार दिया गया था. रघुवर दास जिस भाषा का प्रयोग करते हैं अपनी पार्टी में वे पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं और सिर्फ बेबुनियाद बातें कर अब अपने राजनीतिक वजूद को बचाए रखना चाहते हैं.आज देश का किसान पिछले 26 दिनों से ठंढ़ में आन्दोलन रत है ,महिलाएं धान काट रही हैं और भाजपा बेशर्मी की पराकाष्ठा पार कर चुकी है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि कृषि कानून की सराहना करने वाले रघुवर दास के कार्यकाल में जिस तरह से किसानों को छला गया, वह सारी बातें आज सामने आने लगी है. रघुवर दास ने अपने कार्यकाल में फसल बीमा के नाम पर सिर्फ बीमा कंपनियों को ही फायदा पहुंचाने का काम किया और किसानों को कोई भी फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाया. रघुवर दास शासनकाल में तमाम विभागों में की गई गड़बड़ियों की अब जांच शुरू हो चुकी है और एक-एक कर उनके कार्यकाल में किए गए घोटाले सामने आ रहे हैं.

