रांची: एनजीटी ने झारखंड सरकार पर 113 करोड़ का भारी भरकम जुर्माना लगा दिया है. बिना पर्यावरण स्वीकृति के नए हाईकोर्ट भवन के लिए 66 करोड़ एवं नए विधानसभा भवन के लिए 47 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है.
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार ने कहा है कि यह गलती रघुवर सरकार की है. इस जुर्माने का भुगतान भाजपा एवं संबंधित अधिकारियों को ही करना चाहिए.
तत्कालीन सरकार की गलत नीतियों एवं प्रबंधन के कारण राज्य सरकार पर यह जुर्माना ठोंका गया है. उन्होंने कहा कि भाजपा को यह जवाब देना चाहिए कि इतनी बड़ी गलती कैसे हुई? पूर्व सीएम रघुवर दास एवं दोषी अफसरों पर पर इसके लिए प्राथमिकी भी दर्ज की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि राज्य के राजस्व का बेवजह नुकसान सही नहीं है, इस जुर्माना को भरने की पूर्ण जिम्मेवारी भाजपा और रघुवर दास की सरकार है. राज्य की जनता पर भाजपा की गलत नीतियों के कारण बोझ पड़ना कहां से तार्किक है?
भाजपा की सरकार जाने के बाद भी भाजपा के गलत कारनामे का खामियाजा झारखंड की जनता को भुगतना पड़ रहा है.
उन्होंने झारखंड सरकार से इसकी जांच कर दोषी अफसर पर भी कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों को बर्खास्त करने की भी मांग की है. इस तरह की घोर अनियमितताएं सरकारी अफसरों द्वारा झारखंड सरकार कैसे बर्दाश्त कर सकती है?
डॉ. अजय ने यह भी मांग की है कि इस घोर अनियमितता की पूरी निष्पक्ष जांच के बाद पूरे मामले को जनता के बीच सार्वजनिक करना चाहिए.

