दिल्ली: तीन नए कृषि कानूनों के विरुद्ध दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन जारी है. इस बीच आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों के पक्ष में विजय चौक से लेकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे. राहुल गांधी के नेतृत्व में अन्य कांग्रेसी सांसद भी इसमें हिस्सा लेंगे.
मार्च के बाद राहुल और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे और उन्हें 2 करोड़ हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौपेंगे. इसमें केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने का अनुरोध किया जाएगा.
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में यह आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पहले ‘कृषि विरोधी कानून’ बनाकर किसानों को दर्द दिया और अब उसके मंत्री अन्नदाताओं का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘कृषि विरोधी कानूनों को लेकर चल रहे सतत विरोध को आगे बढ़ाने और मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था. इन कानूनों को वापस लेने की मांग के पक्ष में लगभग दो करोड़ लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए हैं.’
गौरतलब है कि प्रदर्शनकारी किसान संघों ने गेंद सरकार के पाले में होने की जिक्र करते हुए बुधवार को उससे कहा कि वह बातचीत फिर से शुरू करने के लिये नया ठोस प्रस्ताव लेकर आए, वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समाधान तक पहुंचने का संवाद ही एक मात्र रास्ता है और सरकार कृषि क्षेत्र में सुधार के लिये प्रतिबद्ध है.

