NEW DELHI:- कानूननई दिल्ली: कृषि कानून के खिलाफ किसानों और सरकार के बीच अब तक हर स्तर की वार्ता बेनतीजा होती जा रही है. कई राज्यों के किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों को मान कर कानूनों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं. इन सब के बीच कई राजनीतिक दलों ने किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया है. वहीं किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे.
राष्ट्रपति से मिले राहुल गाँधी और कई दिग्गज
किसानों के लिए अब विपक्षी दल एक साथ खड़े हो गए हैं. विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार शाम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचा है.
इस मौके पर राहुल गाँधी ने कहा कि किसानों ने देश की नींव रखी है. किसान देश के लिए रात-दिन काम करते हैं. मोदी सरकार के कृषि कानून किसानों के हित में नहीं हैं. तीनों बिल संसद से बिना चर्चा के पास हुए. उन्होंने कहा, किसानों की शक्ति के सामने कोई खड़ा नहीं हो सकता. राहुल ने एलान किया कि जब तक कानून रद्द नहीं होते तब तक किसान डटे रहेंगे.
राष्ट्रपति से मिले इन विपक्षी दलों के नेता
बता दें कि कांग्रेस समेत 24 विपक्षी दल किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. वहीं बीते दिन हुए भारत बंद का भी समर्थन किया था. उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है. इसी सिलसले में 5 विपक्षी दलों के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात करने पहुंचे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करने वाले नेताओं में शरद पवार, राहुल गांधी, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, सीपीआई महासचिव डी राजा और डीएमके नेता टी के एस इलेनगोवन हैं.
सीताराम येचुरी ने बताया कि 25 से अधिक विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून देश और किसानों के हित में नहीं हैं.

