दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक कथन में देशवासियों को संदेश दिया था कि आपदा को अवसर में बदलें. यहां आपदा प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के संबंध में इस्तेमाल किया था और लोगों से कहा था कि इस आपदा को कई लोगों ने अवसर माना है और नए कार्य किए हैं. ऐसे ही भारतीय रेलवे ने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को कारगार साबित किया है.
कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद से ही रेलवे ने ट्रेनों के संचालन पर रोक लगा दी थी लेकिन लॉकडाउन के दौरान मिले खाली समय का रेलवे ने सदुपयोग किया है. लॉकडाउन में ट्रेनों की आवाजाही कम होने पर रेलवे ने 200 अति महत्वपूर्ण परियोजनाओं का काम पूरा कर लिया है.
लॉकडाउन के शुरुआती समय में ट्रेनें नहीं चल रही था और अभी मौजूदा समय में भी ट230 विशेष ट्रेनें ही चल रही हैं. इसी बात का लाभ उठाते हुए रेलवे ने 200 लंबित परियोजनाओं को पूरा कर लिया है. इनमें से कई परियोजनाएं सुरक्षा और ट्रेनों की गति बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होने वाली हैं.
ये परियोजनाएं याडरं में बदलाव, पुरानी पुलों की मरम्मत, रेल लाइनों का दोहरीकरण और विद्युतीकरण और सीजर क्रॉसओवर रेलवे ट्रैक बदलने से संबंधित थी जो कई सालों से लंबित पड़ी थी. इन रूके होने की वजह से ट्रेनों की गति बढ़ाने में दिक्कत आ ही थी.
इसी बीच 82 पुराने रेल पुलों की मरम्मत की गई. कम ऊंचाई वाले 48 रोड अंडर ब्रिज या सबवे और 16 फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा किया गया. 14 पुराने फुट ओवरब्रिज हटाए गए, सात रोड ओवर ब्रिज और पांच याडरं को नया स्वरूप दिया गया. इन सबमें एक परियोजना रेल पटरी के दोहरीकरण और विद्युतीकरण से जुड़ी है इनके अलावा 26 अन्य परियोजनाओं को भी पूरा किया गया.

