रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटे से रूक-रूक कर हो रही लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गयी है. पेड़ और टहनिया गिरने से सड़क आवागमन बाधित हुई है.
रांची स्थित भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और ओडिशा के तटीय इलाकों में निम्न दबाव के कारण झारखंड पर मजबूत सिस्टम बना हुआ है, 23 अगस्त को भी बंगाल की खाड़ी में एक और निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिससे राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश होगी.
इस मॉनसून सीजन में पहली बार ऐसा देखने को मिला, जब 24 घंटे में सभी जिलों में बारिश हुई. जमशेदपुर में सबसे अधिक 125 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी, वहीं रांची में 71 मिमी बारिश हुई. लगातार बारिश होने से कई जिलों में नदियां उफान पर हैं. डैमों में भी पानी बढ़ा है. कई जगहों पर पुल-पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है.
इधर, रूक-रूककर लगातार हो रही बारिश से राजधानी के कई निचले इलाकों में पानी भर गया. घरों में पानी घुसने के कारण लोग देर रात तक पानी निकालने में जुटे रहे. सड़कों पर घंटों जल जमाव रहा. शहर में कई स्थानों पर बिजली का पेड़ उखड़ कर और टहनियां टूट कर गिरने से सड़क आवागमन भी बाधित हुआ है. वहीं शहर के विभिन्न इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित रही.
दूसरी तरफ इस बारिश से राजधानी रांची के तीनों डैमों का जलस्तर भी बढ़ा है, जिससे गर्मी के दिनों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के आसार बने है. गोंदा (कांके) में 12 दिन बाद फिर गेट खोलने की स्थिति है. जलस्तर 28 फीट होने में महज 7 इंच पानी भरना बाकी है. रूक्का (गेतलसूद) में जलस्तर 29.3 पर पहुंच गया है. पर्याप्त जलस्तर होने से सिकिदिरी हाईडल को बिजली उत्पादन के लिए पानी दिया जा रहा है.
हटिया डैम की स्थिति भी सुधरी है. अभी 21.4 फीट हो गया है, जो पर्याप्त जलस्तर 25 फीट से महज 3.6 फीट दूर है. रूक्का डैम के कार्यपालक अभियंता पीके सिंह ने बताया कि गर्मी में पर्याप्त जलापूर्ति के लिए 30 सितंबर को डैम का जलस्तर 26 फीट रहना जरूरी है. अभी लेवल अधिक है, इसलिए सिकिदिरी को पानी दिया जा रहा है.
वहीं हटिया डैम के कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद ने बताया कि अभी बारिश का दौर जारी है. जलस्तर 25 फीट पार हो जाने पर डैम सेफ जोन में आ जाएगा. इससे फायदा यह होगा कि पूरी गर्मी पानी की आपूर्ति की जा सकेगी.

