रांची:- आज कांग्रेस विधायक दल के नेता व झारखण्ड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की अध्यक्षता में आगामी 15 जनवरी 2021 को किसानों के समर्थन व बढ़ती हुई मंहगाई और पेट्रोल-डीजल के मूल्य वृद्धि के विरोध में राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम किसान अधिकार दिवस पर रैली-घेराव की तैयारी को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के निर्देशानुसार विधायक दल की बैठक सम्पन्न हुई. बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह वित्त मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरॉंव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, हज कमिटी के चेयरमैन डॉ0 इरफान अंसारी, विधायक प्रदीप यादव, रामचन्द्र सिंह, विक्सल कोनगाड़ी, राजेश कच्छप, ममता देवी, पूर्णिमा नीरज सिंह, सोनाराम सिंकू, भूषण बाड़ा उपस्थित हुए. बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश व राजेश ठाकुर भी उपस्थित थे.
15 जनवरी के प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की तैयारी को लेकर सम्यक विचारोपरान्त यह निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी जिलों के किसानों की भागीदारी सुनिश्चित होगी और सभी मंत्री व विधायक इसकी तैयारी में आज से हीं लग जायेंगे. आगामी 13 जनवरी को सभी जिलों में इस संबंध में तैयारी बैठक बुलाने का निर्देश प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरॉंव के तरफ से दिया गया.
बैठक को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता सह मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि पिछले तीन महीने से देश के 62 करोड़ अन्नदाता किसान और खेत मजदूर आन्दोलित हैं. गांधीवादी और शांतिप्रिय तरीके से केन्द्र सरकार द्वारा तीन किसान विरोधी कानूनों का विरोध कर रहे हैं. उनके समर्थन में कांग्रेस पार्टी का यह राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम झारखण्ड में भी असरदार रहेगा. सभी विधायकों व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी इस कार्यक्रम में रहेगी. प्रदेश के सभी जिलों से कोविड के गाईडलान का अनुपालन करते हुए करीब पॉंच हजार किसानों की उपस्थित सुनिश्चित की जायेगी. इसके लिए तमाम विधायकों को आज की बैठक में जिम्मेवारी सौंपी गयी है. बैठक के दौरान मीडिया कर्मियों को सम्बोधित करते हुए श्री आलम ने कहा कि आज तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी किसानों की मांगों पर मोहर लगाने का काम किया है, जिसका हमलोग स्वागत करते हैं. ओरमांझी काण्ड को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर है. पुलिस प्रशासन पूरी ताकत के साथ इस अभियान में लगा हुआ है और हमलोग इस काण्ड के उदभेदन के बहुत करीब हैं. भाजपा को ऐसे विषयों पर सिर्फ राजनीति करने से बाज आना चाहिए.
बैठक को सम्बोधित करते हुए वित्त मंत्री सह प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरॉंव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है. अब तो देश के सर्वोच्च न्यायालय को हीं सरकार को यह कहना पड़ा कि अगर तुमसे नहीं होता, तो हम कानून स्टे कर देते हैं. इससे बड़ी नाकामी, इससे बड़ी विफलता, इससे बड़ा नकारापन और इससे ज्यादा जिद और अहंकार शायद 73 साल के इतिहास में किसी सरकार के साथ हुआ होगा. उन्होंने कहा कि हम सर्वोच्च न्यायालय के इस रूख का तहे दिल से स्वागत करते है कि कम से कम किसानों की तकलीफ को सर्वोच्च न्यायालय ने समझने का काम किया. लगातार बैठकों का दौर जारी रखते हुए जब सरकार संशोधन करने की बात कह रही है, तो फिर इसे निरस्त करने में क्या दिक्कत है. अपने पूॅंजीपति मित्रों के हितों को ध्यान में रखकर सरकार हठधर्मिता कर रही है और इस कड़कड़ाती ठंड में आन्दोलनरत किसानों की जान जा रही है, इसकी जवाबदारी कौन लेगा. उन्होंने कहा कि आगामी 15 जनवरी को बढ़ती हुई मंहगाई और किसानों के समर्थन में आहूत राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम किसान अधिकार दिवस पर रैली-प्रदर्शन एवं राजभवन घेराव ऐतिहासिक होगा. आज की बैठक में यह सुनिश्चित हो गया कि सभी मंत्रीगण, विधायकगण, सांसद, पूर्व सांसद और पार्टी पदाधिकारियों एवं जिला संगठनों की भागीदारी बढ़-चढ़ कर होगी. उस दिन सभी जिलों से किसान कोविड गाईडलाईन का अनुपालन करते हुए रॉंची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में एकत्रित होंगे तथा रैली की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए मोरहाबादी से राजभवन मार्च करेंगे और राजभवन का घेराव किया जायेगा.
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वैसे तो सदस्यता अभियान पिछले वर्ष हीं शुरू किया गया था पर कोरोना संक्रमण के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था, जो कल 12 जनवरी को रामगढ़ जिले से पुनः प्रारम्भ किया जायेगा, जो दो वर्षों तक चलेगा और जिला सब्डीविजन और प्रखण्ड तक चलाया जायेगा. पन्द्रह लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इस अवसर विशेष आमंत्रित के रूप में प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, शमशेर आलम, राकेश सिन्हा भी उपस्थित थे.
