देश की राजनीति की धुरी हमेशा अधिवक्ताओ के इर्द गिर्द रही: राजेश शुक्ल
रांची: झारखंड स्टेट बार कौंसिल के वाईस चेयरमैन और राज्य के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने देश सहित झारखंड के समस्त अधिवक्ताओं को अधिवक्ता दिवस की बधाई दिया है.
शुक्ल जो अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के भी राष्ट्रीय महामंत्री है ने आज अधिवक्ता दिवस पर अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के राष्ट्रीय पदाधिकारियों को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि आज अधिवक्ताओं का स्वर्णिम इतिहास रहा है.
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक भारतीय राजनीति को दिशा देने में अधिवक्ताओं की निर्णायक भूमिका है. भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न राजेंद्र प्रसाद भी अधिवक्ता थे और आज के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अधिवक्ता है. केंद्रित मंत्रिमंडल में भी अधिवक्ताओं का वर्चस्व है. संसद और विधानसभाओं में भी अधिवक्ताओं की प्रमुखता है.
उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में भी पिछले 9 महीने से अधिवक्ता चुनौती का सामना कर रहे है, लेकिन अपने दायित्वों से विमुख नहीं हुए है. केंद्र और राज्य सरकार को अधिवक्ताओं के हितों और उनके कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में सहयोग करने की आवश्यकता है. सभी राज्य सरकारों को भी अपने-अपने राज्य के बजट में दिल्ली सरकार की तरह अधिवक्ताओं के लिए बजट में प्रावधान बनाना चाहिए और एक निर्धारित राशि का प्रावधान करना चाहिए, ताकि अधिवक्ता वर्ग में असंतोष न हो सके.
इस अवसर पर झारखंड राज्य अधिवक्ता कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल महतो, बिहार के अध्यक्ष रणविजय कुमार, उड़ीसा के अध्यक्ष शुभंकर दास, पश्चिम बंगाल के अशोक देव छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डी के साहू, महाराष्ट्र के अध्यक्ष एस के खंडिलकर, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जानकी शरण पाण्डेय, और राष्ट्रीय संगठन सचिव कुलदीप नारायण ने ऑनलाइन अपने विचार व्यक्त किए.
इस कार्यक्रम में ऑनलाइन 80 पदाधिकारी और सदस्यों ने भाग लिया. इस अवसर पर भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा हुई और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया.

