रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती पर आज कांग्रेस भवन में सोशल डिस्टेसिंग के साथ मनाये गये कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उरांव ने कहा कि राजीव गांधी ने 1984 में प्रधानमंत्री का पद संभाला और 1989 तक वे इस पद पर रहे. इस दौरान उन्होंने 21वीं सदी के आधुनिक भारत की अविस्मरणीय बुनियाद रखी. कंप्यूटर क्रांति से लेकर सूचना क्रांति के जनक के रूप में देशभर में उन्हें सदा याद किया जाएगा. आज नई शिक्षा में जिस डिजिटल लिटरेसी की बात हो रही है,उसका सपना राजीव गांधी ने देखा था. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में भारत का दुनिया भर के देशों और खासकर पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध रहा. लंका, पाकिस्तान, चीन, भूटान और नेपाल समेत अन्य राष्ट्रों से भारत का संबंध काफी मधुर रहा. आतंरिक सुरक्षा को लेकर भी राजीव गांधी के कायकाल में कई बड़ी उपलब्धियां मिली, चाहे वह असम का समझौता हो या त्रिपुरा अथवा पंजाब में लोगोंवाला समझौता हो, हर क्षेत्र में राजीव गांधी के प्रयास से शांति आयी. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में ही पहली बार झारखंड अलग राज्य के आंदोलनकारियों के साथ बात हुई और पहली बार जैक का गठन कर अलग झारखंड राज्य की बुनियाद रखी गयी.
इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने श्रद्धांजलि सभा में कहा कि आज भी लोग पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम गांव-गांव में लोग बड़े ही आदर के साथ लेते है और उन्हें अपना आदर्श मानते है. उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और देश के विकास की दूरदर्शी सोच के संकल्प के साथ राजीव गांधी जीवन पर्यंत देश की सेवा में रहे, अपने प्रधानमंत्रित्वकाल में देश को नयी दिशा.
सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि राजीव गांधी ने महिलाओं को सम्मान दिया,पंचायती राज व्यवस्था में कानूनी रुप से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर संपूर्ण अधिकार दिया स्थानीय नीति के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में मती गीता कोड़ा कहा ने कहा कि सभी झारखंड वासियों को सम्मान मिलना चाहिए.
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे एवं डा राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदान की आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर ऐतिहासिक फैसला लिया था.प्रवक्ता द्वय ने बताया कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए आयोजित सेमिनार को स्थगित कर दिया गया.

