रांचीः रांची के अरगोड़ा इलाके से हुई 21 लाख की सोने के जेवरात लूटकांड के खुलासा के साथ 13 साल पहले हुई राजू धानुका हत्याकांड में भी सफलता मिली है. अब इस हत्याकांड की फिर से फाइल खुलेगी और आरोपित तौकीर आलम को रिमांड पर लिया जाएगा. उससे राजू धानुका हत्याकांड पर बारीकी से पूछताछ की जाएगी. बता दें कि तौकीर सोना लूटकांड में पकड़ा गया है. इस मामले में सात अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें अपराधी तौकीर 13 साल से रांची पुलिस की रिकॉर्ड में भगोड़ा है.
नामकुम इलाके में हुई सिंह ब्रदर्स की हत्या में भी वांटेड था. सोना लूटकांड में तौकीर के घर जब पुलिस पहुंची और घेरकर दबोचा गया, तो छापेमारी टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी को धक्का देकर भागने की कोशिश की. लेकिन अधिकारी ने खुद साहस का परिचय देकर उसे खदेड़कर दबोच लिया. उसने घर की छत से कूदकर भागने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस के आगे वह सफल नहीं हो सका. भागने के दौरान वह सीढ़ियों से भी गिरा. इस पूरे मामले में एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा किया.
उन्होंने बताया कि अपराधियों की 26 मार्च को अरगोड़ा इलाके के हरमू रोड बिजली ऑफिस के सामने तीन अपराधियों ने जेवर व्यवसाई और उनके स्टाफ से लूट लिया. इसकी जांच व अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने छापेमारी कर सबसे पहले जतिश को दबोच लिया. उसकी निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से सभी अपराधियों को दबोचा गया है.
रांची के प्रसिद्ध व्यवसायी राजू धानुका की 14 मार्च 2009 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अपराधी बाइक से आये थे और घटना को अंजाम देने के बाद आराम से भाग निकले थे राजू धानुका फाइनांसर थे. कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित शॉपिंग कंपलेक्स पंचवटी प्लाजा के पांचवें तल्ले पर उनकी कंपनी शिवम फाइनांस एंड लाइजनिंग का ऑफिस था. 14 मार्च 2009 को दिन के करीब सवा दो बजे धानुका अपने दफ्तर से घर जाने के लिए सीढ़ी से जैसे ही नीचे उतरे, उसी समय घात लगाकर इंतजार कर रहे अपराधियों ने गोलियों से उन्हें भून डाला था. हमलावरों ने उनके सिर में नाइन एमएम पिस्टल की कई गोलियां मारी थी.
वह फर्श पर गिर पड़े, अपराधी जब निश्चिंत हो गये, तो वहां से भाग निकले. जिस समय उन्हें गोली मारी गयी, उसी समय एमआर टॉवर में ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले उनके भाई विजय धानुका ने उनके मोबाइल पर फोन किया था. जब फोन पर रिप्लाई नहीं मिला तब हुआ, तो उन्हें भी किसी अनहोनी की आशंका हुई थी. इसके बाद राजू धानुका के हत्या की सूचना मिली थी. इस मामले में पूर्व में कई अपराधी जेल भेजे जा चुके हैं. तौकीर फरार था.
जेवर कारोबारी जितेंद्र कुमार वर्मा के स्टाफ ईश्वर भगत के दोस्त की वजह से इस लूट की घटना की प्लानिंग हुई. दरअसल, जेवर कारोबारी के स्टाफ ईश्वर का घर इटकी में ही है. उसका दोस्त इटकी के कोयरी टोला निवासी जतिश महतो है. ईश्वर ने बातचीत के क्रम में विश्वास करतु हए बता दिया कि उसे जेवर लाने के लिए कोलकाता जाना है. वहां से वह 26 मार्च की सुबह लौटेगा. इतनी ही जानकारी में ईश्वर की रेकी शुरू हो गई. जतिश ने जेवर लाए जाने की जानकारी हरि गोप को दे दी. हरि ने अपने दोस्त दानिश को दी.
दानिश ने तौकीर को बदताया. इसके बाद करण, तौकीर और असलम 26 मार्च की सुबह कोलकाता के लिए आने वाली ट्रेन की रेकी की गई. जब ईश्वर भगत गहने लेकर ट्रेन से उतरे, इसके बाद उनके मालिक जितेंद्र कुमार वर्मा के भाई अनीश वर्मा को स्कूटी लेकर भेजा. अनीश स्कूटी लेकर ईश्वर को लेकर हरमू विद्यानगर लौट रहे थी. उसी दौरान हरमू बिजली ऑफिस के पास अपराधियों ने ओवरटेक करते हुए रोका और हथियार के बल लूट लिया गया. इस लूटकांड को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग पुरानी रांची स्थित दिनेश प्रजापति के होटल में की गई. वहीं सभी प्लानिंग के लिए जुटे थे. अपराधियों को पकड़ने में तकनीकी सेल की भूमिका और सीसीटीवी फुटेज की महत्वपूर्ण भूमिका रही .

