नई दिल्ली: पूर्व मंत्री व जयपुर ग्रामीण से सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ रविवार को जोधपुर में थे. राठौड़ ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. सीएए, एनआरसी और शाहीनबाग के प्रदर्शन के साथ देश की अर्थव्यवस्था पर पूछे गए सवालों का भी जवाब दिया.
पूर्वोत्तर राज्यों में एनआरसी और सीएए पर जारी बवाल पर राठौड़ ने कहा कि वहां की जनता को भड़काया जा रहा है, जबकि भाजपा सरकार किसी भी व्यक्ति की नागरिकता छीनने की नहीं बल्कि देने की बात करती है. एनआरसी पर उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से लगातार जारी घुसपैठ के चलते असम में कई क्षेत्रों में असमिया लोग ही अल्पसंख्यक हो गए हैं.
राठौड़ – आपके घर में सामने से कोई आता है तो उसका स्वागत करते हैं, पीछे के दरवाजे से कोई चुप-चाप आकर बैठ जाता है क्या? ऐसा नहीं होता है. यह कानून भारत के नागरिकों के लिए बना ही नहीं है. यह तो शरणार्थियों के लिए बना है. तो नागरिक परेशान क्यों हैं ? विपक्ष की दिक्कत यह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तेज गति से काम कर रहे हैं. इसलिए उनको दिक्कत हो रही है. पूरे देश की जनता साथ है, इसे लागू करके रहेंगे.
राठौड़- सीएए पर दिक्कत नहीं है, भड़का रहे हैं कि नागरिकता छीन ली जाएगी. विपक्ष के लोग झूठ बोल रहे हैं. कहते हैं जनगणना होने वाली है, 2011 में हुई थी न ? यूपीए ने की थी, सही थी। 10 साल बाद अब पुन: होनी है, तो भ्रम फैला रहे हैं, यह प्रदर्शन कर राजनीतिक से ओत-प्रोत है.
राठौड़- समय आने दीजिए, बिल्कुल लागू होगा. इसको लागू करने की जिम्मेदारी केन्द की है, राज्य के अधिकारी इसे लागू नहीं करेंगे. पूरी तरह से लागू होगा.
कोई भी प्रोटेस्ट करता है, तो संविधान में अधिकार है, लेकिन हिंसा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. पुलिस ने मिनटों में ही उन लोगों को पकड़ लिया जिन्होंने फायर किया, कानूनी कार्रवाई होगी. कानून को हाथ में नहीं ले सकते. जो प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने सडक़ों पर जाम लगा रखा है. एम्बुलेंस, स्कूल और आमजन को आने-जाने में दिक्कत है.
राठौड़ – इस पूरे दशक का आर्थिक फाउंडेशन बजट तय करता है. कृषि, टैक्नोलॉजी, टैक्सटाइल एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया है. नौकरियों के लिए एक परीक्षा की है. कई कदम उठाए गए.
हर व्यक्ति इतना समझदार नहीं होता कि एलआइसी व म्युचुअल फंड में निवेश कर छूट ले सके. इसके लिए वह चार्टेड अकाउंटेट के पास जाता है. जो व्यक्ति नहीं जा सकते, उनके लिए सरल तरीका कर दिया है. वह ऑप्शन लेंगे और टैक्स माफ हो जाएंगे.
राठौड़- धीमी गति से सरकार चल रही है. साम्प्रदायिक दंगे पिछले एक साल में कितनी बार हुए हैं. चाहे अलवर का मामला हो या कहीं और… यह शर्म का मामला है. कोई नई नीति या योजना लेकर नहीं आए. केन्द्र सरकार की योजनाएं लागू नहीं कर रहे.
केन्द्र ने कहा पांच लाख तक का इलाज हम करा सकते हैं, ऐसे में तीन और पांच मिला देते तो प्रदेश की जनता को 8 लाख की मदद मिलती. पंचायतों का पैसा रोक दिया. 25 अक्टूबर को 1800 करोड़ केन्द्र सरकार से आए वह पंचायतों को नहीं दिए, उसको रखा हुआ है.

