सीकरः भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने मंगलवार को केंद्र सरकार को धमकी जारी करते हुए कहा कि अगर तीन कानूनों को रद्द नहीं किया जाता है, तो किसान 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ संसद में मार्च करेंगे. राजस्थान के सीकर में एक किसान रैली में बोलते हुए टिकैत ने कहा, हमारा अगला आह्वान संसद के लिए मार्च होगा. हम उन्हें मार्च करने से पहले बताएंगे. अगर खेत कानून वापस नहीं लिए गए तो इस बार सिर्फ 4 लाख ट्रैक्टर नहीं होंगे, बल्कि 40 लाख ट्रैक्टर वहां जाएंगे. टिकैत ने यह भी मांग की कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करते हुए एक नया कानून बनाया जाए.
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वहीं अभी हाल ही में 18 फरवरी को हरियाणा के खरक पुनिया में एक महापंचायत में टिकैत ने कहा था कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ केंद्र सरकार अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो प्रदर्शनकारी किसान आंदोलन को पश्चिम बंगाल तक ले जाएंगे. उन्होंने अगले दिन फिर से दोहराया और कहा पश्चिम बंगाल के लिए एक ट्रैक्टर रैली निकालने पर बातचीत चल रही है. 26 जनवरी को केंद्र के के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आयोजित किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान किसानों ने दिल्ली में प्रवेश करने के लिए बैरिकेड्स तोड़ दिए और राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में बर्बरता की गई थी. इस में बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी घायल हुए थे.
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प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई बर्बरता के कृत्यों में कई सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया. दिल्ली पुलिस ने आईटीओ में इस घटना का उल्लेख करते हुए कुल 22 एफआईआर दर्ज की हैं. इस दाैरान एक किसान की भी ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई. किसान तीन नए अधिनियमित खेत कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं – किसान उपज व्या पार एवं वाणिज्यस (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 , किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्यध आश्वानसन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्यनक वस्तुध (संशोधन) विधेयक, 2020 का विरोध हो रहा है.

