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रक्षाबंधनः ऑनलाइन सजी भाइयों की कलाई

by bnnbharat.com
August 3, 2020
in Uncategorized
रक्षाबंधन: 29 साल बाद बन रहा महासंयोग, शुभ मुहूर्त में होगा आश्चर्यजनक लाभ
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सुरूर रज़ा,
रांचीः कोरोनावायरस और लॉकडाउन की मियाद में देश में कई पर्व-त्यौहार आये और चले गये. पर उनकी रौनक फीकी रही. आज देशभर में भाई.बहन के प्रेम का त्यौहार रक्षाबंधन आज मनाया जा रहा है, आज के दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर भाई से उनसे अपनी रक्षा का वचन लेती है, अभी के हालात में देश के कई राज्यों में लॉकडाउन फिर से लागू कर दिया गया है, क्योंकि देश में बहुत तेजी से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है.

कोरोनावायरस का साया मंडरा रहा है. यह कहना गलत नहीं होगा कि राखी का कारोबार भी इस साल वायरस के संक्रमण की वजह से काफी प्रभावित हो रहा है. हालात को देखते हुए बहनें भाइयों को ऑनलाइन राखियां बांध रही हैं.

क्या कहते हैं राखी विक्रेता

रिशु एक राखी विक्रेता है उन्होंने यह बताया कि हर साल की भांति इस साल बाजार काफी मंदा रहा क्योंकि लोग ज्यादातर अब ऑनलाइन राखियां भेज रहे हैं जिसके कारण से बाजार फीका पड़ गया है ए पिछले साल प्रतिदिन हम तीन सौ से लेकर 400 राखियां बेचा करते थे परंतु इस साल 40 से 50 राखी ही बेच रहे है कोरोनावायरस ने हमारी कमर तोड़ दी है और बाजार काफी नीचे चला गया है.

राम चक्रवर्ती का यह कहना है कि रखी को लेकर बाजार की स्थिति काफी बुरी है क्योंकि लोग ज्यादातर घर बैठे ही ऑनलाइन राखी की बुकिंग कर दे रहे हैं इसकी वजह से हमारा बाजार काफी मंदा पड़ गया है ऑनलाइन राखी के आने से हम जैसे व्यापारियों को काफी असर पड़ा है. राखी में हमारी दुकान में बहुत भीड़ हुआ करती थी परंतु इस साल सारा बाजार खाली हैए इस साल हमें काफी नुकसान उठाना पड़ा हम लोगों ने चीनी राखी का बहिष्कार किया है एकोई भी दुकानदार चीनी राखी को अपने दुकान में नहीं बेच रहा है .

क्या कहती है बहनें

स्वाति का कहना है कि हर साल अपने भाइयों से मिलकर राखी बांधती और उनसे आशीर्वाद भी लेती थी. मगर उसको अफसोस है कि इस साल वह अपने भाइयों को अपने हाथों में राखी नहीं बांधी पाएंगी स्वाति ने ऑनलाइन अपने भाइयों को राखी भिजवा दी है.

श्रुति का कहना है कि वह बहुत खुशनसीब है क्योंकि इस साल वह अपने भाइयों को राखी अपने हाथों से ही बांधेगी क्योंकि वह सब एक साथ हैं उन्होंने यह भी बताया कि इस साल उन्होंने मिठाई बाहर से नहीं बल्कि घर में बनाई है क्योंकि कोरोनावायरस की वजह से डर का माहौल है इसलिए सारे एहतियात के साथ उन्होंने मिठाईयां घर पर ही बनाई है.

सुचित्रा को इस दिन का इंतजार हर साल रहता है. उन्होंने कहा कि यह त्यौहार उनके लिए बहुत खास है क्योंकि इस दिन वो खूब इंजॉय करती थी और भाइयों को राखी बांधती थी परंतु इस साल कोरोनावायरस की वजह से वीडियो कॉलिंग के जरिए अपने भाइयों को आशीर्वाद देंगी उन्होंने यह भी कहा कि आज के दिन भाइयों से बहुत सारे गिफ्ट्स भी मिलते थे परंतु इस साल यह सब संभव नहीं हो पाएगा ईश्वर से यही प्रार्थना है यह कोरोनावायरस जल्द ही हमारे देश और दुनिया से दूर चला जाए.

आशा ने कहा कि हर साल हमारे भाई इस त्यौहार में हमारे साथ होते थे. इस साल वह मेरे साथ नहीं है. इसका उन्हें अफसोस है. तान्या ने अपने भाइयों के लिए राखी कुरियर से भेज दिया है. उन्हें उम्मीद है कि उनकी राखी सही समय पर उनके भाइयों को मिल जायेगी. पिछली साल को याद कर वह भावुक हो गई. उन्होंने यह भी कहा कि भाई बहन का प्यार एक पवित्र एहसास है और यह हमेशा रहेगा भले ही आज हम दूर है परंतु यह एहसास कोई नहीं छीन सकता उन्होंने सारे लोगों को एहतियात के साथ राखी का पर्व मनाने की गुजारिश भी की है.

रिया ने कहा की अपने पूरे परिवार के साथ हैं और वह खुशनसीब है जो आज अपने अपने भाई को अपने हाथों से राखी बांधेगी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने भाइयों को राखी बांधी और उन्होंने यह भी बताया कि जो मिठाई हर साल बाहर से आती थी इस साल घर में ही बनाई गई है.

तो राखी में मिठाइयों का काफी डिमांड रहती थी परंतु इस साल कोरोना की वजह से लोग अपने घरों में ही मिठाईयां बना रहे हैं क्योंकि कहीं ना कहीं लोगों को यह डर है कि कोरोनावायरस का कही संक्रमण न हो. मिठाई विक्रेताओं का यह कहना है कि मिठाई लोग ख़रीद रहे है परंतु हर साल के भांति बाजार की रफ्तार धीमी है .

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