रांची: झारखंड में हजारीबाग, रांची, गुमला, लोहरदगा, जमशेदपुर, पलामू सहित समस्त नगर मोहल्ला गांव में श्री राम नवमी महोत्सव संपूर्ण हिंदुस्तान में विशेष रूप से झारखंड में आयोजित किया जाता है.
श्री महावीर मंडल रांची के मंत्री शंकर प्रसाद एवं समिति के सर्वोच्च सलाहकार विजय बर्मन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आपदा को देखते हुए झारखंड का ऐतिहासिक मंगलवारी अष्टमी, नवमी, दशमी 31 मार्च से 3 अप्रैल तक समस्त कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है.
रामनवमी के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि श्री चैती दुर्गा पूजा के भी समस्त कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने समस्त राम भक्तों से, हिंदू समाज से आग्रह किया है कि 31 मार्च से 3 अप्रैल तक पूजा पाठ के लिए घरों से नहीं निकले. अपने निवास स्थान में ही समस्त कार्यक्रमों को पूरा कर लें.
साथ ही साथ 1 अप्रैल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के सिंगार की रात्रि होती है. उस दिन समस्त हिंदू समाज से आग्रह है कि अपने अपने घरों में दीप जलाकर एवं संध्या 5:30 से 6:00 बजे तक घंटी और शंख बजाकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का स्वागत करें.
यह कार्यक्रम नवमी एवं दसवीं में भी आयोजित करें. संकट मोचन हनुमान मंदिर महावीर चौक (स्थापित 1838) के पुजारी विनोद मिश्रा एवं शारदा मिश्रा ने बताया कि समस्त कार्यक्रम पुजारी के द्वारा मंदिर में संपन्न हो रहा है.
किसी भी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मंदिर में आने की जरूरत नहीं है. अपने घरों में ही समस्त कार्यक्रमों को कर ले. राजा सेन गुप्ता एवं राहुल सिन्हा चंकी ने कहा कि नवमी के दिन झंडा लगाने की परंपरा हिंदू समाज में है. उनसे उन्होंने विनती की है कि अपने घरों में ही पूजा-पाठ कर झंडा लगा लगा ले.

