स्वास्थ्य विभाग की 44.33करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांग विपक्ष के बहिर्गमन के बीच ध्वनिमत से पारित
रांची:- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि उनके रग-रग में भगवान राम बसते है, पर उन्होंने धर्म के नाम पर कभी राजनीति नहीं की है. स्वास्थ्य मंत्री मंगलवार को विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांग पर वाद-विवाद के बाद सरकार की ओर से जवाब दे रहे थे. भोजनावकाश के बाद अनुदान मांग पर हुई चर्चा के बाद 44 अरब, 33 करोड़ और 22 लाख से अधिक की अनुदान मांग को विपक्षी सदस्यों के बहिगर्मन के बीच ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी गयी. वहीं भाजपा के अनंत ओझा द्वारा लाये गये कटौती प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया.
स्वास्थ्य मंत्री ने सरकार की ओर से दिये गये जवाब में कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में राज्य सरकार की पूरी टीम ने तन्मयता से काम किया, जिसके कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर झारखंड में राष्ट्रीय औसत से लगभग आधी रही. जबकि स्वस्थ्य होने वाले मरीजों की दर भी करीब 99 फीसदी के निकट पहुंच गयी है, जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 96 प्रतिशत है. उन्होंने बताया कि कोराना संक्रमण का संकट उत्पन्न होने के समय राज्य में एक भी लैब नहीं था, लेकिन आज सात स्थानों पर आरटीपीसी लैब की स्थापना की गयी है. उन्होंने विपक्षी सदस्यों पर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जेपीएससी के माध्यम से 286 चिकित्सकों की नियुक्ति की गयी है. बन्ना गुप्ता ने कहा कि भाजपा ने चुनावी फायदा उठाते हुए विधानसभा चुनाव के वक्त आनन-फानन में तीन मेडिकल कॉलेज का उदघाटन करा दिया गया, लेकिन आज 300 बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब गया है. बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी और रॉयल्टी का पैसा भी राज्य सरकार को समय पर नहीं दे रही है, जिससे संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है, इसके बावजूद हेमंत सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास कर रही है.
बन्ना गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कृत संकल्पित है, राज्यभर में 491 मॉडल स्कूल की स्थापना की जा रही है.
चर्चा में विकास सिंह मुंडा, नीरा यादव, रामचंद्र सिंह, प्रदीप यादव, लंबोदर महतो, विनोद कुमार सिंह, समीर मोहंती, समरी लाल और इरफान अंसारी ने हिस्सा लिया.
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने बुधवार 10 बजे तक के लिए सदन की कार्यचाही स्थगित कर दी.

