दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद् भारतीय नववर्ष के मौके पर रामोत्सव कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है. 13 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल हनुमान जयंती तक चलने वाले इस आयोजन को देशभर के सभी शहरों और गांवों में मनाया जाएगा. रामोत्सव को लेकर विहिप का स्पष्ट कहना है कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए ही ये आयोजन होंगे.
अमर उजाला से चर्चा करते हुए विश्व हिंदू परिषद् के केंद्रीय मंत्री मिलिंद परांडे ने कहा, देश के उन सभी गांवों और शहरों में ये आयोजन होगा. जहां राम मंदिर निर्माण के लिए 44 दिनों तक चले निधि समर्पण अभियान दौरान विहिप के कार्यकर्ता पहुंचे थे.
15 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विहिप के कार्यकर्ता समाज के लोगों से घरों पर भगवा ध्वज लगाने की अपील करेंगे. वे लोगों को भारतीय नववर्ष के महत्व के बारे में बताते हुए इसे धूमधाम से मनाने को कहेंगे.
गांवों और शहरों की विहिप इकाइयों द्वारा ये कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. कार्यकर्ता मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करते हुए लोगों के घर घर दस्तक देंगे. वहीं लोगों से भी इसका प्रयोग करने की अपील करेंगे.
देशभर में बढ़ते कोरोनावायरस के प्रकोप और लॉकडाउन के दौरान कार्यक्रम होने के सवाल पर परांडे का कहना है कि, जहां स्थानीय प्रशासन की अनुमति होगी वहां ही रामोत्सव का आयोजन होगा.
आज हर राज्य की स्थिति अलग-अलग है. वहां की सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए ये सभी आयोजन होगा. जहां लॉकडाउन है या जहां कोरोना संक्रमण ज्यादा है, हम वहां लोगों से आह्वान कर रहे है वे कोरोना गाइडलाइन पालन करते हुए अपने घरों में परिवार के साथ मिलकर भगवान राम की आराधना करें. ऐसे स्थानों पर शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी. जहां छूट है वहां सीमित संख्या में मिलकर इसका आयोजन करेंगे.
रामोत्सव कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए परांडे कहते है कि देशभर में राममंदिर निर्माण के निधि समर्पण करने को लेकर समाज में जिस तरह से उत्साह देखने को मिला वह अद्भुत था. सभी लोगों के सहयोग से राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, लेकिन जब तक लोग भगवान राम के आचरण को जीवन में नहीं उतारेंगे तब तक रामराज्य की कल्पना हम नहीं कर सकते है. इसलिए रामोत्सव कार्यक्रम के जरिए समाज के बीच जाकर उनके जीवन पर प्रकाश डाला जाएगा.
कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को महिला सम्मान, सामाजिक समरसता, संगठित होकर बुराई से संघर्ष और जीवन में रिश्तों की मर्यादा के बारे में बताएंगे
उन्होंने आगे कहा, इस दौरान शहर से लेकर गांवों में छोटी छोटी गोष्ठियां कर भगवान राम के जीवन पर प्रकाश डाला जाएगा. समापन के दिन हनुमान जयंती पर सभी मंदिरों में हनुमान चालिसा का पाठ किया जाएगा. ये कार्यक्रम ज्यादा से ज्यादा मंदिरों में ऐसा प्रयास किया जा रहा है.

