आज़म खान की जौहर यूनिवर्सिटी के ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर खान को साल 2013 में अखिलेश सरकार ने 7 हेक्टेयर सरकारी जमीन सिर्फ 60 रुपये में 30 साल के लिए पट्टे पर दे दी थी. यानी इस यूनिवर्सिटी को करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव लीज पर दे दी गई थी. यह लीज आज़म खान के सबसे करीबी दोस्त और समाजवादी पार्टी के विधायक और जौहर यूनिवर्सिटी के ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर खान के नाम की गई थी.समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद आजम खान को रामपुर की एसडीएम कोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है. आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को अखिलेश सरकार में जो 7 एकड़ जमीन पट्टे पर दी गयी थी, उनकी लीज एसडीएम रामपुर की कोर्ट ने निरस्त कर दी है.
एसडीएम कोर्ट ने इस पट्टे को निरस्त करते हुए भूमि को उसके मूल रूप में परिवर्तित करने का आदेश दे दिया है. यह जमीन सींघन खेड़ा गांव के रकबे में रेत की जमीन के रूप में दर्ज थी, जिसे नियमों के विरुद्ध आजम खान की यूनिवर्सिटी को लीज पर दे दिया गया था. अब कोर्ट ने इस लीज को निरस्त करते हुए भूमि को उसके मूल रूप में परिवर्तित करने का आदेश दिया है.
इससे पहले भी एसडीएम कोर्ट आजम खान के खिलाफ पीडब्ल्यूडी की सड़क पर कब्जा करने के आरोप में 3 करोड़ 27 लाख का जुर्माना लगा चुका है और सड़क को कब्जा मुक्त 15 दिन के अंदर करने के आदेश दिए थे. आजम खान के खिलाफ लगातार कानूनी कार्रवाई हो रही है, जिससे आजम खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. यूपी में 1 हेक्टेयर में 15.65 बीघा जमीन होती है. इस हिसाब से ये जमीन 15.65×7.135= 111.66 बीघा हुई.

