रांची: झारखंड में कोरोना वायरस को लेकर रेड जोन साबित हो रहे हिंदपीढ़ी इलाके में मंगलवार से सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से सख्त कर दी गयी है, वहीं राजधानी रांची की सभी सीमाओं को भी सील कर दिया और हर आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है. केवल मान्य मामलों में ही छूट दी जा रही है.
पुलिस-प्रशासन की सख्ती के बाद बुधवार को राजधानी की तस्वीर में काफी बदलाव देखने को मिला. बहुत जरुरी होने पर ही लोग अपने घरों से बाहर निकले और उन्हें पुलिस जांच से होकर गुजरना पड़ा. सब्जी बाजारों में भी अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ काफी कम देखी गयी. रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि बिना अनुमति एंबुलेंस को भी प्रवेश नहीं मिलेगी, एंबुलेंस के लिए भी पास जारी किया जाएगा.
इधर, हिंदपीढ़ी में सीआरपीएफ जवानों की तैनाती के पहले उन्हें पुलिस पदाधिकारियों द्वारा आवश्यक ब्रीफ कर दिशा-निर्देश दिया गया. सीआरपीएफ की दो कंपनियां भी राजधानी में पहुंच चुकी है और उन्हें कंटेनमेंट एरिया में तैनात किया जा रहा है.
गौरतलब है कि रांची में अब तक कोरोना संक्रमित 75 मरीज सामने आ चुके है, इनमें से अधिकांश हिंदपीढ़ी के ही रहने वाले मरीज है या उनसभी का कहीं न कहीं से हिंदपीढ़ी से की कांटेक्ट रहा है. शहर के अन्य हिस्सों में भी कोरोना संक्रमण का फैलाव होने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजधानी रांची को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और हिंदपीढ़ी में लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने के लिए सीआरपीएफ की तैनाती की गयी है.

