रांची:- रांची की मेयर लापता नहीं हैं, वह आपके शहर में ही मौजूद हैं. शनिवार को वार्ड-11 में अज्ञात लोगों द्वारा मेयर के लापता होने से संबंधित पोस्टर लगाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ये बातें मेयर आशा लकड़ा ने कही. उन्होंने कहा कि राज्य में जेएमएम और कांग्रेस गठबंधन की सरकार है. सत्ता संभालते ही गठबंधन सरकार की नजर मेयर आशा लकड़ा व रांची नगर निगम पर टिकी हुई है. जेएमएम की ओर से अब तक न जाने कितने आरोप मेयर पर लगाए गए. परंतु मैने जेएमएम द्वारा लगाए गए आरोपों का खुलकर सामना किया. मेरे जवाब पर आरोप लगाने वालों की बोलती बंद हो गई. मेयर के लापता होने से संबंधित अफवाह फैलाने के पीछे भी सोची-समझी साजिश की गई है. सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ लोग बेवजह ऐसी तुच्छ हरकत कर रहे हैं. वार्ड-11 में लागातार समय समय रोड़ एव नाली निर्माण कार्य किया जाता रहा है संबंधित सड़क का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है. यदि वार्ड-11 स्थित गढ़ा टोली के लोग किसी अन्य समस्या से जूझ रहे हों तो रांची नगर निगम या मेरे कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करें. संबंधित समस्या का समाधान अवश्य किया जाएगा.
आपको ज्ञात हो कि गठबंधन की सरकार ने सत्ता संभालते ही एसओआर (बीमकनसम व ित्ंजम) रिवाइज्ड करने के नाम पर विभिन्न योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्यों पर रोक लगा दिया था, जिसके कारण कई महीनों तक निर्माण कार्य से संबंधित के कार्य बाधित रहे. उन्होंने कहा कि रांची की मेयर हर दिन किसी न किसी वार्ड में जाकर स्थानीय लोगों की परेशानी, पानी, सड़क-नाली, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई से संबंधित समस्याओं की जानकारी लेती है. यथासंभव संबंधित समस्याओं का समाधान भी किया जाता है. पिछले पांच वर्षों में शहर के विकास को लेकर क्या-क्या कार्य किए गए, यह बताने की आवश्यकता नहीं है. शहर की जनता को रांची नगर निगम द्वारा किए गए एक-एक कार्य की जानकारी है. कहा, शहर की जनता के अटूट विश्वास से ही मैं दोबारा रांची की मेयर चुनी गई हूं. अपने इस कार्यकाल में मैं उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का निरंतर प्रयास कर रही हूं. परंतु वर्तमान सरकार राजनीतिक विद्वेष की भावना से शहर के विकास को अवरुद्ध करने का निरंतर प्रयास कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की सरकार ने धर्म, जाति व संप्रदाय की भावना से ऊपर उठकर अल्पसंख्यक समुदाय को हज हाउस की सौगात दी. फिर भी जेएमएम के तथाकथित नेता आरोप लगा रहे हैं कि है हाउस का निर्माण कराकर संबंथित ठेकेदार को लाभान्वित किया गया है. उन्होंने राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि राज्य में करोड़ों की लागत से कई योजनाएं पूरी की गई हैं. क्या ये सभी योजनाएं संबंधित ठेकेदार को लाभान्वित करने के उद्देश्य से ही पूरी की गई हैं. यदि यह सही है तो जेएमएम के दिवंगत मंत्री हाजी हुसैन के कार्यकाल में बनवाए गए हज हाउस की जांच कराई जाए, अनियमितता किसके कार्यकाल में हुई और हज हाउस का निर्माण कराकर किसे लाभान्वित किया गया, स्वतः स्पष्ट हो जाएगा. मेयर आशा लकड़ा सिर्फ चुनिंदे वार्डों का ही भ्रमण नहीं करती, नगर निगम क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े वार्डों में भी पहुंचती है. जैसे, रविवार को वार्ड-52 स्थित डॉन बॉस्को के समीप रोड का निरीक्षण किया गया. वार्ड-53 के हटिया हेसाग स्थित बसारगढ़ रोड नंबर-15 के स्थानीय लोगों के साथ सड़क व नाली की समस्या के समाधान को लेकर बैठक की गई. एक सप्ताह पूर्व वार्ड-35 में पंचम नगर के स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर विभिन्न समस्याओं की जानकारी ली गई. उसके बाद 75 लाख की लागत से सड़क निर्माण से संबंधित योजना की स्वीकृति दी गई है. फिलहाल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार सड़क व नाली निर्माण से संबंधित योजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है, जिसका कवरेज इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है. कुछ माह पूर्व कांके डैम के समीप स्थित पतरा गोंदा बस्ती जो रांची नगर निगम क्षेत्र में आता है. स्थानीय लोगों की मांग पर नागरिक सुविधा फंड के तहत मेयर निधि से एक करोड की लागत से पुल निर्माण कराने के स्वीकृति प्रदान की गई. ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां पिछले 25 वर्षों में कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचे. परंतु मैने अपनी जिम्मेदारी समझी और अपने दायित्व का निर्वहन किया. रांची नगर निगम क्षेत्र में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र है, जहां लोग नारकीय स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे है. संबंधित क्षेत्रों में न तो पानी की सुविधा है और न ही पक्की सड़क व नाली की. राजधानी को मॉडल टाउन के रूप में विकसित करने की कई योजनाएं फंड के अभाव में पूरी नहीं हो पा रही है. मैं स्वयं स्थल निरीक्षण कर संबंधित क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यकतानुसार निर्णय लेती हूं.

