रांचीः मॉब लिंचिंग के खिलाफ रांची पुलिस ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया है. इस ऑडियो क्लिप के जरिए रांची पुलिस जागरूकता अभियान चला रही है. ऑडियो क्लिप के जरिए कानूनों की जानकारी देते हुए बताया गया है कि कतई कानून हाथ में न ली जाए. ऑडियो क्लिप में कहा गया है कि हर अनजान आदमी चोर नहीं, कानून हाथ में लेने वालों की खैर नहीं. रांची पुलिस से जारी ऑडियो में रांची के विकास और सभ्यता का भी जिक्र किया है. इन दिनों सूबे की लोकतंत्र अब जानलेवा भीड़तंत्र की राह पर नजर आ रही. भीड़ में शामिल हर हाथ कानून तोड़ने को आतूर है. इस तरह की घटनाएं रह-रहकर दस्तक दे रही. मॉब लिंचिंग की घटनाएं थम जाए, ऐसा मुमकिन नहीं हो पा रहा. हाल की बात करें तो राजधानी में दो बड़ी घटनाएं सामने आई, एक शहर के बीचोंबीच, दूसरी जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर. दोनों घटनाओं में भीड़ द्वारा अलग-अलग युवक को चोरी के आरोप में मार डाला गया. जबकि गुमला में हत्या के एक आरोपित को उन्मादी भीड़ ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. कोतवाली इलाके के पुरानी रांची में भी मोबाइल झपटमारी के आरोप में एक युवक को भीड़ ने पिटाई की थी, लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस ने उसे बचा लिया था.
झूठी अफवाह, मनगढ़ंत चोरी के आरोप व धार्मिक उन्माद पर 17 मार्च 2016 से 19 मार्च 2021 तक झारखंड के विभिन्न जिलों में 48 से अधिक मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई हैं. इनमें 27 लोगों की मौत हो गई. जबकि 21 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. मृतकों में 14 मुस्लिम, 09 हिन्दू, 03 ईसाई, 01 सरना आदिवासी शामिल हैं. जबकि घायल व्यक्तियों में से 12 ईसाई, 04 सरना आदिवासी, 03 हिन्दू, 03 मुस्लिम शामिल हैं. इन घटनाओं में से कुछ मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई व सजा हुई, वहीं अधिक्तर मामले संबंधित पुलिस और सिविल कोर्ट में लंबित हैं. जबकि कई मामलों में पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहे हैं. ऐसी घटनाओं के लिए झारखंड पीड़ित प्रतिकार (संशोधन स्कीम) 2016 के अनुसार पीड़ित परिवारों को मुवाआजा और पुर्नवास की नीति बनीं. लेकिन कुछ ही पीड़ित परिवारों को इसका लाभ मिला, बाकि लोग आज भी समुचित मुवाआज व पुर्नवास की इंतजार में है.

