रांची: भारतीय जनता पार्टी धर्म , जाति या किसी समुदाय की राजनीति नहीं करती है. केंद्र की मोदी सरकार हो या राज्य में रघुवर दास की पूर्व सरकार सभी जाति, धर्म व समुदाय के विकास को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की गई.
केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री आवास योजना व व्यक्तिगत शौचालय योजना से सभी जाति, धर्म व समुदाय के लोगों को लाभ मिला है. इसी प्रकार , रघुवर सरकार के कार्यकाल में पहली बार अल्पसंख्यक समुदाय को करोड़ों की लागत से निर्मित हज हाउस की सौगात दी गई.
रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा शुक्रवार को पत्रकारों से बात कर रही थी. उन्होंने झामुमो पर पलटवार करते हुए पूछा है कि झामुमो ने अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए क्या किया? झामुमो ने रांची नगर निगम क्षेत्र में सड़क व नाली निर्माण से संबंधित योजनाओं में अल्पसंख्यक समुदाय के पार्षदों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है, जो निराधार है.
मेयर ने कहा कि रघुवर सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक राशि हिंदपीढ़ी क्षेत्र के विकास पर खर्च किए गए, आज हिंदपीढी क्षेत्र की पीसीसी सड़कें, बिटुमिनस सड़कें व नालियां इसका प्रमाण है. फिर भी झामुमो समर्थित लोगों के आंख पर पट्टी बंधी हुई है. सत्ताधारी राजनीतिक दलों के समर्थक एक ओर मेयर व डिप्टी मेयर की उपस्थिति में सड़क व नाली निर्माण से संबंधित योजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं और दूसरी ओर झूठी दलीलें दे रहे हैं.
मेयर ने कहा कि वार्ड -10 , 17 व 15 में सड़क और नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास इसका प्रमाण है, जिसमें संबंधित वार्ड पार्षद भी शामिल थे. आज शुक्रवार को वार्ड -35 में पार्षद नसीम गद्दी की उपस्थिति में सड़क व नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया. वहीं, 29 नवम्बर से अब तक जिन वार्डों में सड़क व नाली निर्माण से संबंधित योजनाओं का शिलान्यास किया गया , वे सभी योजनाएं रघुवर सरकार की ही देन है.
इन सभी योजनाओं के लिए रघुवर सरकार के कार्यकाल में ही 14 वें वित्त आयोग के तहत फंड आवंटित किया गया था. हेमंत सरकार के कार्यकाल में 15 वें वित्त आयोग के तहत मात्र 25 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है. शहर की आम जनता भी यह अनुमान लगा सकती है कि 53 वार्डों में इस राशि से उनकी किन – किन आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है.
राज्य में गठबंधन की सरकार है और राज्य के मुखिया स्वयं झामुमो से हैं. वे नगर विकास विभाग के मंत्री भी हैं. यदि वे अल्पसंख्यक समुदाय के हितैषी हैं तो अल्पसंख्यक वार्ड पार्षदों के क्षेत्र के सम्पूर्ण विकास के लिए रांची नगर निगम को फंड आवंटित करें. सिर्फ आधारहीन आरोप लगाकर अल्पसंख्यक वार्ड पार्षदों के क्षेत्र का विकास नहीं किया जा सकता.
रांची नगर निगम को आवंटित फंड सभी वार्डों में समान रूप से बाटे जाते है. किसी पार्षद के साथ भेदभाव की राजनीति नहीं कि जाती. 53 वार्डों के विकास से संबंधित योजनाओं की स्वीकृति नगर निगम परिषद की बैठक में सभी पार्षदों की उपस्थिति में ली जाती है. मैं सभी पार्षदों से अपील करती हूं कि रांची नगर निगम को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं. अपने-अपने वार्ड के विकास का खाका तैयार कर राज्य सरकार से फंड उपलब्ध कराने की मांग करें.
हम सभी जनप्रतिनिधि है और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही हमारा धर्म व कर्म है. इसके बाद उपमहापौर संजीव विजयवार्गीय ने पिछले 5 वर्षों का 13 वें वित्त आयोग एवं 14 वे वित्त आयोग के अलावा विभिन्न मदों से पूरे रांची नगर निगम क्षेत्र में किये गये विकास कार्यों का लेखा-जोखा योजनाओं के आंकड़े सहित प्रस्तुत किये.

