दुमका: दुमका में छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में सोमवार को अदालत में देर रात तक सुनवाई हुई और इस मामले में मंगलवार को फैसला आने की उम्मीद जतायी जा रही है.
दुमका के जिला सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत में गैंगरेप के बाद हत्या के इस मामले में स्पीडी ट्रायल चल रहा है और पिछले चार दिनों से सुनवाई हो रही है. चाहे फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट का मामला हो या फिर दोनों पक्षों की ओर से गवाहों का बयान दर्ज कराने की बात हो, सब वक्त पर हुआ और तारीख पर तारीख लेने की कोशिश को जज साहब ने नाकाम कर दी.
सोमवार देर रात तक सुनवाई जारी रही और यह संभावना जतायी जा रही है कि मंगलवार को इस मामले में फैसला भी आ सकता है और कम समय में सुनवाई पूरी कर फैसला देने के मामले में झारखंड के इतिहास में एक कीर्तिमान बनने की भी संभावना है.
गौरतलब है कि छह साल की बच्ची को उनके रिश्ते का चाचा अपने दोस्तों के साथ मेला घूमाने के बहाने चॉकलेट तथा बैलून का लालच देकर ले गया था. जिसके बाद दरिंदा चाचा मिठ्ठू राय उसे खेत में ले गया और अपने दो दोस्तों के साथ उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर पीड़िता के घर ही रात के तीन बजे पहुंच कर सो गया.
बच्ची लापता हो गयी थी, लेकिन किसी को इस बात का इल्म भी नहीं था कि मासूम के साथ कितनी बड़ी दरिंदगी हो चुकी है. बाद में दुमका के रामगढ़ थाना क्षेत्र के मोहबाना गांव के चौराहे पर बच्ची की चप्पल दिखी तो तलाश के क्रम में खेत में बच्ची का शव गड़ा मिला.
पुलिस ने मामला दर्ज किया और शक की सुई चाचा मिठ्ठू राय पर गयी. तलाशी शुरू हुई तो पता चला कि दरिंदे मुंबई भाग चुके हैं. मुंबई पुलिस से संपर्क कर मिठ्ठू राय को महाराष्ट्र के कल्याण से गिरफ्तार कर लिया गया और उसकी निशानदेही पर चाचा के दोनों दोस्तों को गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट से पकड़ा गया.

