रांची: कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से पिछले कई महीनों से बंद झारखंड की अदालतों में जल्द ही कामकाज शुरू हो सकता है. राज्य के सभी न्यायालयों में अब जल्द ही फिजिकल कोर्ट यानी रेगुलर कोर्ट के तहत सुनवाई शुरू हो जाएगी. झारखंड हाईकोर्ट बार काउंसिल के प्रतिनिधियों और बेंच के बीच हुई बैठक में फिजिकल कोर्ट शुरू करने को लेकर सहमति बन गई है. इसके बाद राज्य भर के करीब 35 हजार से ज्यादा अधिवक्ताओं के चेहरे पर रौनक आ गई है.
बैठक में तय हुआ कि राज्यभर के सभी न्यायालयों को कोरोना को लेकर जारी सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार तैयार किया जाएगा. जिन जिलों में संक्रमण ज्यादा है वहां फिलहाल वर्चुअल कोर्ट के जरिए ही सुनवाई होगी और वहां फिजिकल कोर्ट कम होंगे.
जिन जिलों में संक्रमण कम है, वहां अब फिजिकल कोर्ट के जरिए सुनवाई होगी. पिछले 9 महीने से वर्चुअल सुनवाई होने की वजह से राज्य भर के 95 फीसदी वकीलों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई थी. बार एसोसिएशन से जुड़े राज्य के अधिवक्ता लगातार फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग उठा रहे थे.
वकीलों का कहना था कि वर्चुअल कोर्ट से सुनवाई से महज कुछ चुनिंदा वकील ही सुनवाई में शरीक हो पा रहे हैं, जबकि 95 फ़ीसदी से ज़्यादा वकीलों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई थी.
दरअसल, अदालतों में सुनवाई के अलावा कई ऐसे कामकाज होते हैं जिससे कोर्ट से जुड़े अन्य कर्मियों की भी रोजी-रोटी चलती रहती है, जो फिजिकल कोर्ट से ही संभव है. ऐसे में अदालत से जुड़े कर्मियों के चेहरे पर भी फिजिकल कोर्ट शुरू करने को लेकर बनी सहमति से मुस्कान छा गई है.
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्णा ने बताया कि हाईकोर्ट बार काउंसिल के प्रतिनिधियों और बेंच के बीच समिति बनने के बाद फिजिकल कोर्ट शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है. लेकिन इसे अमल में आने में अभी कुछ समय जरूर लगेगा. क्योंकि कोर्ट में भी सैनिटाइजेशन समेत अन्य तैयारियों को पूरा करने में समय लगेगा.
अधिवक्ता अनूप गुप्ता ने खुुशी जताते हुए कहा कि फिजिकल कोर्ट शुरू होने से कोर्ट की वही पुरानी रौनक लौटेगी. कर्मियों के अलावा अदालत के बाहर रोजी रोटी कमाने वाले दूसरे लोगों की भी कमाई का जरिया बढ़ेगा.

