नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक यानी एचडीएफसी बैंक पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. एचडीएफसी बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस बारे में जानकारी दी है. दरअसल, एचडीएफसी बैंक ने सब्सिडियरी जनरल लेजर में अनिवार्य न्यूनतम पूंजी बनाने रखने में विफल रहा, जिसके बाद एसजीएल बाउंस हो गया. आरबीआई की तरफ से एचडीएफसी बैंक को बीते 9 दिसंबर को यह आदेश और अगले दिन यानी 10 दिसंबर को इसका खुलासा हुआ है.
आरबीआई ने आदेश में क्या कहा?
RBI ने अपनी नोटिफिकेशन में कहा कि SGL के बाउंस के लिए HDFC पर 10 लाख रुपये का मॉनिटरी जुर्माना लगाया है. 19 नवंबर को बैंक के सीएसजीएल अकाउंट में कुछ सिक्योरिटीज में बैलेंस की कमी हो गई है. RBI के इस आदेश के बाद HDFC बैंक के शेयर शुक्रवार को 1,384.05 रुपये पर कारोबार करते नजर आया.
क्या होता है एसजीएल
सब्सिडियरी जनरल लेजर एक तरह का डिमैट अकाउंट होता है, जिसमें बैंकों द्वारा सरकारी बॉन्ड रखा जाता है. जबकि, सीएसजीएल को बैंक की तरफ से खोला जाता है, जिसमें ग्राहकों की ओर से बैंक बॉन्ड रखते हैं. बॉन्ड से जुड़े लेनदेन फेल होने को ही कहा जाता है कि एसजीएल बाउंस हो गया.
डिजिटल लॉन्चिंग पर रोक
हाल ही में RBI द्वारा अपने प्रोग्राम डिजिटल 2.0 के तहत नियोजित बैंक की डिजिटल बिजनेस जनरेटिंग गतिविधियों के लॉन्च पर रोक लगाने और नए क्रेडिट कार्ड ग्राहकों की सोर्सिंग पर रोक लगाने की घोषणा के बाद स्टॉक के वैल्यूएशन में गिरावट देखने को मिली है.

