दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास आज सुबह 10 बजे क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा का ऐलान करेंगे. आज के ऐलान में ब्याज की दरों में कटौती नहीं होने की संभावना है.
आरबीआई की नजर राजकोषीय घाटे को कम करने पर है. माना जा रहा है कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) नीतिगत ब्याज दर को स्थिर रखते हुए नरम रुख को जारी रखेगी.
गौरतलब है कि आम बजट 2021-22 पेश होने के बाद पहली बार रिजर्व बैंक क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा कर रहा है.
क्या है उम्मीद
जानकारों का मानना है कि एमपीसी इस बार नीतिगत दर रेपो में किसी तरह की कटौती नहीं करेगी. रेपो वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को एक दिन के लिए पैसा उधार देता है. इस दर के आधार पर ही बैंक अपने लोन उत्पादों के लिए ब्याज दर तय कर देते हैं.
जानकारों का कहना है कि दिसंबर 2020 में खुदरा महंगाई में काफी गिरावट आई है, जिसकी वजह से रिजर्व बैंक को सहूलियत है कि मौद्रिक नीति में और नरमी लाए लेकिन इस बात की उम्मीद कम है. इसकी वजह यह है कि राजकोषीय घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
नकदी की व्यवस्था जरूरी
ब्याज में कटौती की उम्मीद कम होने के बावजूद केंद्रीय बैंक से बाजार को अपेक्षा है कि वह पर्याप्त नकदी की सुनिश्चित करने का प्रबंध करेगा. बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन के लिए कर्ज की उपलब्धता जरूरी है.
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास की अगुवाई वाली एमपीसी की बैठक समाप्त हो गई है. अभी रेपो दर चार फीसदी के रिकॉर्ड निचले स्तर पर है. वहीं रिवर्स रेपो दर 3.35 फीसदी है. बैंक पिछले साल फरवरी से रेपो दर में 1.15 फीसदी की कटौती कर चुका है.

