संभाग आयुक्त द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
ग्वालियर: संभाग आयुक्त एमबी ओझा ने वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निरस्त दावों का पुन: परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. संभागीय आयुक्त द्वारा आज की गई वन अधिकार अधिनियम के पट्टों की समीक्षा में पाया गया कि गुना, शिवपुरी एवं अशोकनगर जिलों की प्रगति संतोषजनक नहीं है.
उन्होंने इन जिलों के अधिकारियों को कार्य में और अधिक प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं. बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास रामकुमार शर्मा, उपायुक्त राजस्व आर पी भारती, संभागीय अंतरविभागीय समन्वयक विशाल प्रताप सिंह तोमर, सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त संजय दलेला, कोष एवं लेखा के संयुक्त संचालक योगेन्द्र सक्सेना, आदिम जाति कल्याण विभाग की उपायुक्त, औकाफ माफी ऑफीसर मनीषा कौल एवं ऊर्जा, नगर निगम तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.
बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग की उपायुक्त ने बताया कि संभाग में आदिवासी वर्ग के कुल 14593 दावे निरस्त किए गए हैं. संभागीय कमिश्नर ओझा ने निरस्त इन दावों का पुन: परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. बैठक में बताया गया कि ग्राम समिति द्वारा संभाग में कुल 3387 दावे मान्य किए गए हैं. इसी प्रकार उपखंड समिति द्वारा कुल 1963 एवं जिला समिति द्वारा कुल 1356 दावे मान्य किए गए हैं.
बैठक में किसान विकास पत्र की समीक्षा के दौरान संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने बताया कि ग्वालियर संभाग में कुल 7 लाख 39 हजार 234 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं, जिसमें से 3 लाख 67 हजार 355 केन्द्रीय सहकारी बैंक एवं 3 लाख 71 हजार 879 किसान क्रेडिट कार्ड अन्य बैंकों द्वारा जारी किए गए हैं. बैठक में पीएम किसान के पात्र किसानों को जारी केसीसी में ऋण वितरण एवं खरीफ फसल बीमा की भी समीक्षा की गई.
बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नगर निगम ग्वालियर द्वारा बैंकों को 9001 प्रकरण स्वीकृति के लिये भेजे गए, जिसमें से बैंक द्वारा 6342 प्रकरण स्वीकृत कर 748 प्रकरणों का वितरण किया जा चुका है.
आयुक्त ओझा ने योजना के तहत अधिक से अधिक प्रकरणों में वितरण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की समीक्षा में बताया गया कि विद्युत संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिये एक सितंबर से शिविर लगाए जा रहे हैं. ये शिविर 15 सितंबर तक लगाए जायेंगे. बैठक में प्रधानमंत्री योजना एवं आयुष्मान भारत योजना की भी समीक्षा की गई.

