नई दिल्ली. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत कोरोना वायरस से लड़ने के लिए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एकजुटता परीक्षण का हिस्सा है. जिसके तहत भारत को रेमडेसिवीर दवा की 1000 खुराकें भेजी गई हैं. इन दवाओं को सभी राज्यों में कुछ मरीजों पर टेस्ट किया जाएगा.
हर्षवर्धन ने कहा, यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर सरकार में सबसे ऊंचे स्तर पर चर्चा हो रही है. ICMR और CSIR के वैज्ञानिक भी इस पर लगातार चर्चा कर रहे हैं. फिलहाल, हम WHO के एकजुटता परीक्षण का हिस्सा हैं तो हमें करीब 1000 खुराकें WHO से मिली हैं. “हम सभी राज्यों में कुछ मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल के दौरान इनका इस्तेमाल करेंगे.”
बड़ी फार्मा कंपनी गिलीड की एंटीवायरस दवा रेमडेसिवीर को आपातकालीन प्रयोग के लिए अमेरिकी रेग्युलेटरी से अनुमति मिल गई है. इस दवा को उन मरीजों को दिया जा रहा है, जो COVID-19 से गंभीर रूप से बीमार हैं.
कोविड-19 मरीजों के इलाज में रेमडेसिवीर के प्रयोग को FDA की अनुमति, अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में हुए एक नियंत्रित रैंडमाइज्ड ट्रायल के बाद दी गई थी. इस ट्रायल को 1,063 बहुत अधिक बीमार लोगों पर किया गया था. इस स्टडी में सामने आया था कि जिन मरीजों को रेमडेसिवीर की खुराकें दी गई थी, जिन्हें प्लेसिबो की खुराकें दी गई थीं उनके मुकाबले 31% तेजी से स्वस्थ होते देखा गया.
गिलीड साइंसेस ने कहा है कि इसकी एंटीवायरल दवा मरीजों के लिए इस हफ्ते की शुरुआत से उपलब्ध होगी. इससे पहले मनीकंट्रोल के साथ एक खास इंटरव्यू में गिलीड के प्रवक्ता ने कहा था कि कंपनी सरकारों, दवा कंपनियों, जिसमें भारत की कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं, के साथ सहयोग के लिए तैयार है.

