रांची: देश की प्रख्यात रंगकर्मी और संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से पुरस्कृत उषा गांगुली का आज सुबह कोलकाता में हृदयाघात से अकस्मात निधन हो गया.
उनके निधन पर इप्टा झारखंड परिवार ने गहरा दुःख जताया है. महान रंगकर्मी स्व गांगुली के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए इप्टा झारखंड राज्य के महासचिव उपेंद्र मिश्रा ने कहा कि कोलकाता में हिंदी थियेटर के साथ प्रायः 40 वर्षों से उनका जुड़ाव रहा.
उन्होंने अपनी खुद की रंगकर्मी थियेटर ग्रुप की स्थापना की और अपना पूरा जीवन रंगमंच को समर्पित कर दिया. उनके द्वारा किये गये प्रमुख नाटकों में महाभोज, रुदाली, कोर्ट मार्शल, अंतर्यात्रा, होली आदि महत्वपूर्ण नाटक रहे हैं, जिन्होंने देश भर में अभूतपूर्व ख्याति अर्जित की. इनके द्वारा लिखा गया नाटक खोज और काशीनामा भी खूब चर्चित हुए.
इप्टा की ओर से जारी शोक संदेश में इप्टाकर्मियों ने कहा कि आधुनिक भारतीय रंगकर्म के इतिहास में उषा गांगुली का स्थान बड़े ही अदब और महत्व के साथ दर्ज रहेगा. शोक व्यक्त करने वालों में पंकज श्रीवास्तव, प्रेम प्रकाश, शेखर मल्लिक, अमन चक्र, विनय शर्मा, शिशुपाल सिंह, राजीव रंजन, प्रभाष मल्लिक, उमेश नज़ीर, संजय चौधरी, शीतल बागे, शशि पाण्डेय, अजीत ठाकुर, रविशंकर समेत अन्य इप्टकर्मी व संस्कृतिकर्मी शामिल हैं.

