रांची: झारखंड के गिरिडीह जिले के राजधनवार विधानसभा क्षेत्र में इस बार झारखंड विकास मोर्चा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की प्रतिष्ठा दांव पर है. उनके समक्ष अपने राजनीतिक कद को बरकरार रखने के साथ ही पार्टी के अस्तित्व को कायम रखने की चुनौती है.
राजधनवार विधानसभा सीट के लिए इस बार बहुकोणीय मुकाबले की तस्वीर उभर कर सामने आ रही है. झारखंड विकास मोर्चा अध्यक्ष को भाकपा-माले विधायक राजकुमार यादव के अलावा भारतीय जनता पार्टी के लक्ष्मण प्रसाद सिंह, निर्दलीय अनूप संथालिया और झारखंड मुक्ति मोर्चा के निजामुद्दीन अंसारी से सीधी टक्कर मिल रही है.
बाबूलाल मरांडी का पैतृक गांव कोदाईबांध भी इसी विधानसभा क्षेत्र के तीसरी प्रखंड के अंतर्गत आता है. बाबूलाल मरांडी को इस इलाके में 2019 लोकसभा चुनाव और इससे पहले 2014 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. वहीं भाजपा ने वर्ष 2014 में काफी कम मतों के अंतर से पिछड़ जाने वाले पूर्व पुलिस अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि झामुमो के निजामुद्दीन अंसारी भी एक बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके है और पूर्व में उन्हें बाबूलाल मरांडी का काफी करीबी माना जाता था.
माले विधायक राजकुमार यादव का भी इलाके में काफी प्रभाव माना जाता है और संगठन की भी पकड़ मजबूत है.
वहीं चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे अनूप संथालिया की दमदार उपस्थिति ने भी मुकाबले को रोचक बना दिया है. अनूप संथालिया संभवतः पूरे राज्य में एक मात्र ऐसे उम्मीदवार होंगे, जो चुनाव प्रचार के दौरान किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के खिलाफ कोई भी टिप्पणी नहीं कर रहे है, बल्कि क्षेत्र के विकास की योजनाओं का जिक्र कर वोट मांग कर रहे है.

