-
राजस्व अधिकारियों की बैठक में दिये दिशा निर्देश
श्योपुर: कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ष्चम्बल एक्सप्रेस-वे को चंबल एक्सप्रेस-वे के रूप में जाना जाता है.
चंबल प्रदेश के बीहड एवं पिछड़े क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस वे के क्षेत्र में श्योपुर एवं वीरपुर तहसील के 50 गांव आयेंगे.
इसलिए राजस्व अधिकारी शासकीय एवं निजी भूमि के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण करें. वे आज कलेक्टर कार्यालय श्योपुर के सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक में दिशा निर्देश दे रहे थे.
बैठक में अपर कलेक्टर एसआर नायर, एसडीएम विजयपुर पवार नवजीवन विजय, श्योपुर रूपेश उपाध्याय, कराहल विजय यादव, तहसीलदार वीरपुर वीरसिहं आवासिया, विजयपुर धर्मेन्द चैहान, श्योपुर राघवेन्द्र कुशवाह, बडौदा भरत नायक, कराहल शिवराज मीणा, एसएलआर अनिल शर्मा, एएसएलआर नाथूराम सखवार, नायब तहसीलदार हरीओम पचैरी, नवल जाटव, कु. रजनी बघेल, कु. रेखा कुशवाह, कलेक्टर कार्यालय के ओएस बाबूलाल आर्य, कलेक्टर रीडर दिलीप बंसल उपस्थित थे.
कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह प्रोजेक्ट सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसमें भारतमाला के अंतर्गत मात्र 50 प्रतिशत भूमि नि-शुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है.
मध्यप्रदेश सरकार इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 421 करोड़ की 100 प्रतिशत भूमि नि-शुल्क उपलब्ध करा रही है. इसके अलावा प्रदेश सरकार आर्थिक सहयोग के रूप में मिट्टी एवं मुरम 330 करोड़ की रायल्टी के रूप में प्रदान करेगी और वन भूमि की अनुमतियों पर होने वाले व्यय के रूप में 30 करोड़ का व्यय भी स्वयं वहन किया जायेगा. इस प्रकार राज्य शासन के माध्यम से 781 करोड़ रूपयें का सहयोग दिया जायेगा.

