धनबाद:- वर्ष 2019 में रिटायर हुए झमाडा कर्मी रामप्रवेश सिंह अपने पावना भुगतान को लेकर कार्यालय का चक्कर लगाकर थक हारने के बाद अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल प्रारंभ कर दिया है. गुरुवार से ही धरने पर है. राम प्रवेश सिंह का आरोप है कि तकनीकी सदस्य जानबूझकर भुगतान रोक रहे हैं. उनका कहना है कि क्वार्टर खाली नहीं किया है, इसलिए पावना भुगतान अभी नहीं किया जाएगा. क्वार्टर का किराया हर महीना दे रहे हैं. रामप्रवेश ने कहा कि इस संबंध में तीन बार एमडी से मिल चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है. जब तक उनका पावना भुगतान नहीं होता तब तक यहीं कार्यालय के सामने हड़ताल पर बैठे रहेंगे.
झमाडा के स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य शोधक के पद से सेवानिवृत्त हुए है. रामप्रवेश ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद 1 सितंबर 2019 को ही एमडी ने 17 लाख तीन हजार 808 पावना भुगतान का निर्देश जारी कर दिया था. इसमें यह भी कहा गया था कि झमाडा कर्मियों का 27 माह से वेतन भुगतान लंबित चल रहा है. इसलिए सेवानिवृत्त पावना 50 हजार रुपये प्रति किस्त के आधार पर भुगतान किया जाए. इसके बाद से अभी तक यह भुगतान नहीं हो सका है. रामप्रवेश इस समय जामाडोबा के माडा कॉलोनी में रह रहे हैं.

