रायपुर: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है. एक ओर सरककर खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 08 जनवरी 2021 तक हिसाब दे रही है. जिसमे 64 लाख 65 हजार 451 मीट्रिक धान खरीदी होने का दावा कर रही है.
सरकार के अनुसार अब तक राज्य के 16 लाख 4 हजार 54 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा. राज्य के मिलरों को 19 लाख 39 हजार 77 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है. जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 16 लाख 85 हजार 370 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है.
वहीं अजीत जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू ने धान संग्रहण के नाम पर हो रही खानापूर्ति के लिए भूपेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि किसानों की हितैषी होने की बात करने वाली भूपेश सरकार के कार्यकाल में 2019 -2020 जौंदा भांठा, नयापारा चंपारण रोड धान संग्रहण तीन लाख तीस हजार कुंटल धान का बुरा हाल है.
प्रदेश के दूसरे सबसे बड़ी धन संग्रहण केंद्र में लगभग 60 करोड़ों रुपए की धान में फफूंद लग गई है. जो आदमी तो आदमी जानवरों के खाने के लायक नहीं है. जोकि धान की पछले क़िस्त भी बाकी है धान खरीदी के नाम पर सरकार, बैंकों से हजारों करोड़ रूपए का कर्ज लेती है. लेकिन मंडी में यही धान सड़ रही है और सरकार इससे अनभिज्ञ है. जो कि सरकार की भर्राशाही का परिचायक है.

