बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद को बड़ा झटका लगा है. राष्ट्रीय जनता दल के 5 विधान पार्षदों ने राजद का साथ छोड़ जेडीयू ज्वाइन कर ली है. राधा चरण सेठ, संजय प्रसाद, रणविजय सिंह, दिलीप राय और कमरे आलम के जेडीयू में विलय को विधानपरिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह ने स्वीकृति भी दे दी है.
राज्य में नौ सीट के लिए छह जुलाई को विधान परिषद के चुनाव होने हैं. इससे पहले राजद में यह टूट तेजस्वी यादव के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.राजद के पांच विधान परिषद के जेडीयू में शामिल होने के बाद अब तीसरा झटका राबड़ी देवी को लगा है. राबड़ी देवी की कुर्सी खतरे में पड़ती नजर आ रही है.
विधानपरिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह ने संकेत देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष के लिए सदन में दस प्रतिशत सदस्य की संख्या जरूरी होती है. अब ये संख्या राजद के पास नहीं है. ऐसे में अब तो राजद के पास नेता प्रतिपक्ष का पद रहने का कोई सवाल नहीं है. कुल मिलाकर अब राबड़ी देवी को सदन में नेता प्रतिपक्ष वाली कुर्सी छोड़ने होगी.
आरजेडी के पांच एलएलसी और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफे के बाद आरजेडी के भीतर काफी हलचल है. इसी प्रकरण को लेकर राबड़ी आवास पर तेजस्वी यादव और बिहार आरजेडी अध्यक्ष जगदानंद सिंह के साथ कई विधायकों की मीटिंग हो रही है.

