बिहार: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को बड़ा झटका लगा है. आरजेडी के पांच विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) पार्टी का साथ छोड़ दिया है. इसके अलावा रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है.
जानकारी के अनुसार एमएलसी पद से इस्तीफा देने वालों में संजय प्रसाद, कमरे आलम, राधाचरण सेठ, रणविजय सिंह व दिलीप राय शामिल हैं. इसकी पुष्टि विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने मंगलवार को कर दी है. चर्चा यह है कि आरजेडी छोड़ चुके ये सारे नेता अब नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में शामिल होंगे.
बताया जाता है कि तेज प्रताप यादव को विधान परिषद भेजे जाने से कई नेता नाराज चल रहे थे. इस्तीफा देने वाले सभी विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) लालू प्रसाद यादव के करीबी बताए जा रहे हैं. खबर यह है कि यह सभी आरजेडी की मौजूदा वंशवाद की राजनीति और तेजस्वी यादव के नेतृत्व से भी परेशान थे. दरअसल, 7 जुलाई को विधान परिषद की 9 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. संभावना यह है कि आरजेडी की ओर से लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव को प्रत्याशी बनाया जा सकता है.
नौ में से तीन सीटों में आरजेडी की जीत पक्की
आरजेडी के पास मौजूद विधायकों की संख्या के आधार पर 9 में से तीन सीटों पर उसकी जीत पक्की बतायी जा रही है. ऐसे में तेज प्रताप यादव की भी जीत पक्की है.
इन नेताओं का कार्यकाल हो गया पूरा
विधान परिषद की जिन 9 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं, उनका कार्यकाल मई के पहले सप्ताह में पूरा हो गया. मंत्री अशोक चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारुण रसीद, हीरा प्रसाद बिंद, पीके शाही, सतीश कुमार, सोनेलाल मेहता, कृष्ण कुमार सिंह, राधामोहन शर्मा और संजय प्रकाश का कार्यकाल पूरा हो गया है.

