नई दिल्ली. किसान संगठनों द्वारा 18 फरवरी 2021 को बुलाए गए राष्ट्रव्यापी ‘रेल रोको’ का ट्रेनों के परिचालन पर न्यूनतम या नगण्य प्रभाव पड़ा. यह जानकारी रेलवे मंत्रालय ने दी है. भारतीय रेलवे द्वारा संचालित 12800 ट्रेनों (माल और यात्री ट्रेनों समेत) में से कुल 30 मेल ट्रेनें प्रभावित हुईं. कुछ अन्य ट्रेनों ने अपने समय को कवर कर लिया, कुछ लंबी दूरी की ट्रेनें जो गंतव्य तक पहुंचने वाली थीं, उन्होंने आगे के समय के नुकसान की भरपाई कर ली.
महाराष्ट्र राज्य में मुंबई में उपनगरीय सेवाएं रेल रोको प्रदर्शन से प्रभावित नहीं थीं. मालगाड़ियां और माल ढुलाई राजस्व पर भी कोई असर नहीं पड़ा.
रेल रोको प्रदर्शन बिना किसी अप्रिय घटना के गुजर गया. आंदोलन के बाद सभी जोनों में ट्रेनों की आवाजाही सुचारू रूप से जारी है. ज्यादातर जोन में आंदोलनकारियों द्वारा एक भी ट्रेन को रोकने का मामला सामने नहीं आया. रेल रोको प्रदर्शन को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों ने काफी संयम का परिचय दिया. कुछ जोन से प्रदर्शन की खबरें आईं लेकिन वह किसानों के रेल रोको से संबंधित नहीं थीं. पश्चिम बंगाल में ही कोलकाता में एक डीवाईएफआई छात्र की हिरासत में मौत की स्थानीय घटना के विरोध में एक राजनीतिक पार्टी ने प्रदर्शन का आयोजन किया था.
जोनल रेलवे द्वारा यह भी बताया गया कि कई स्थानों पर राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता अपने समर्थकों के साथ भाग ले रहे थे. जोनल रेलवे से प्राप्त तस्वीरों में इसकी पुष्टि की गई.

